ओशो प्रवचन के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
...तब तक अर्थी को उठने नहीं देंगे ...
कोंपलें फिर फूट आईं, प्रवचन-2 (संस्करण: 1986) साभार: ओशो कम्यून इंटरनेशनल फाउंडेशन... (संस्करण: 1986) साभार: ओशो कम्यून इंटरनेशनल फाउंडेशन...
hindi.webdunia.com/samayik/oshovani/osho/0905/28/1090528080_1.htm - 7512.00kb
प्रेम और सहयोग का नाम है परिवार ...
ही परिवार संयुक्त और समृद्घिशाली बनता है। वे सौभाग्यशाली हैं जो संयुक्त परिवार में रह रहे हैं तथा जिन्हें माता -पिता का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है। विश्व बंधुत्व की बात करने वालों को पहले अपने परिवा...
hindi.webdunia.com/religion/religion/pravachan/0909/26/1090926020_1.ht... - 2808.00kb
Religion to unite the Humanities ...
' Webdunia Hindi: धर्मसंसार धर्मदर्शन प्रवचन" href="/contmgmt/xmlfeeds/rss/religion_religion_pravachanxml" / प्रवचन प्रवचन 10 अक्टूबर 2007 पिछले सन्दर्भ...
hindi.webdunia.com/religion/religion/pravachan/ - 19.63kb
Religion to unite the Humanities ...
' प्रवचन प्रवचन 22 अप्रैल 2007...' प्रवचन प्रवचन 22 अप्रैल 2007...
hindi.webdunia.com/religion/religion/pravachan/0704/22/index.htm - 15.25kb
आग लगी है तो सूखी टहनियाँ जलने दो ...
कपिल पंचोली शनिवार शाम ओशो टाइम्स की संपादक अमृत साधना इंदौर प्रवास पर थीं। यहाँ उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर ओशो-दृष्टि डाली। इन दिनों चर्चित समलैंगिकता... मिलना अच्छी बात है, पर ओशो कभी भी समलैंगिकता के पक्ष में नहीं रहे हैं। ओशो का तो मानना रहा है कि समलैंगिकों में ध्यान को लेकर उत्सुकता नहीं रहती है। हाल...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/literature/interview/0909/13/10909130... - 2718.00kb
सुखी जीवन के लिए निष्कपटता ...
आन्तरिक संघर्ष चेतना की सतह पर आ जाता है। जो वासना, स्मृति एवं विचार दमित अवस्था में अचेतन मन में रहते हैं, वे चेतन मन के धरातल पर आ जाते हैं। इस प्रकार के प्रकाशन से अचेतन मन की ग्रंथियाँ ऋजु होकर श...
hindi.webdunia.com/religion/religion/article/0906/26/1090626025_2.htm - 3758.00kb
बौद्ध मुद्राएँ ...
और जुड़ने की कला को इंगित करती हैं। बाकी की तीन खड़ी हुई अँगुलियाँ बौद्ध शिक्षा का प्रतीक है। बाएँ हाथ की मुद्रा मनुष्य की मिश्रित क्षमताओं को इंगित करती है, जिस पर कि वह ज्ञान के पथ और जुड़ने की ओर बढ़त...
hindi.webdunia.com/religion/religion/buddhism/0905/07/1090507127_1.htm - 3064.00kb
बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती ...
निर्वाण दिवस भी। इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। आज बौद्ध धर्म को मानने वाले विश्व में 50 करोड़ से अधिक लोग इस दिन को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए बुद्ध विष...
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शांति स्त्री का स्वभाव है ...
दूरदृष्टि की नहीं होतीं उनको बहुत पास का दिखाई पड़ता है, दूर व्यर्थ हो जाता है। पुरुष को पास का बिलकुल दिखाई नहीं पड़ता है, दूर व्यर्थ हो जाता है। पुरुष को पास का बिल्कुल दिखाई नहीं पड़ता क्योंकि जो पास...
hindi.webdunia.com/religion/religion/pravachan/0905/21/1090521078_2.ht... - 3556.00kb
सुखी जीवन के लिए निष्कपटता ...
विकसित होती है। सरलता से अपने दोषों की आलोचना करनेवाला व्यक्ति माया एवं मद से मुक्त हो जाता है। व्यक्ति का हृदय सरल, स्पष्ट, निष्कपट हो जाता है। क्या सुखी जीवन के लिए सरलता, निष्कपटता, स्पष्टवादिता त...
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