कुंडली के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
राहु का द्वादश भावों में फल ...
प्रत्येक जातक की कुंडली में ग्रह स्थान (भाव) अनुसार जातक को फल देते हैं एवं विजय, यश, सम्मान, कीर्ति के साथ अपयश, अपव्यय, विनाशकारी बुद्धि, कीर्ति का ह्रास इस प्रकार दोनों तरह के फल देते हैं।...
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कैसे जानें जन्म का पाया ...
के साथ घर में आया है। कुंडली के बारह स्थानों को चार पायों में बाँटा गया है और इन्हें चार धातुओं-सोना, चाँदी, ताँबा और लोहे का नाम दिया गया है। जन्म... जिस स्थान पर होता है (कुंडली में) उसके अनुसार पाया जाना जाता है।...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/article/0911/09/1091109018_1.htm - 1906.00kb
रिश्तों का स्नेह ग्रहों को बनाएँ अनुकूल ...
कुंडली के बारह भावों की विवेचना कर आप जान सकते हैं कि प्रत्येक भाव किसी न किसी रिश्ते का प्रतिनिधित्व करता है तथा प्रत्येक ग्रह इंसानी रिश्तों से संबंध रखता है और यदि कुंडली में कोई विशेष ग्रह कमजोर हो तो उस ग्रह से संबंधित रिश्तों को मजबूत करके भी ग्रह को दुरुस्त किया जा सकता है। आइए देखें कैसे -...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0911/11/1091111023_1.htm - 2944.00kb
जब करें जीवनसाथी का चुनाव ...
बात नहीं रही, जब आपकी कुंडली के ग्रह-तारे बताते थे कि आपकी शादी सफल होगी कि नहीं। अब धीरे-धीरे मैचमेकर्स और ज्योतिषी की जगह मैरिज काउंसलर्स ले रहे हैं।... को अपनाना यह बातें अब कुंडली के ग्रहों से ज्यादा आवश्यक होने लगी हैं और इन्हीं बातों को मैरिज काउंसलर साथ बैठकर शांति के साथ समझते तथा समझाते हैं। असल...
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मिथुन राशि वालों के लिए सलाह ...
ग्रह चंद्र, बुध और शुक्र माने गए हैं। वायु तत्व प्रधान मिथुन राशि का स्वामी बुध है। भाग द्विस्वभाव है और मिथुन लग्न की बाधक राशि सिंह तथा बाधक ग्रह सूर्य है। लेकिन लाल किताब अनुसार शत्रु और मित्र ग्र...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/raashi/0911/17/1091117013_1.htm - 2716.00kb
किस ग्रह से विचार करें ...
से हमें क्या जानकारी मिलती है। देखें - सूर्य : जन्म के समय सूर्य की स्थिति से जातक की देह, पिता, पराक्रम, धन, प्रसिद्धि व आसक्ति का विचार किया जाता है। यह पित्त प्रधान है। चंद्र : यह वात व कफ प्रधान ...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0911/20/1091120025_1.htm - 2712.00kb - 3 दिन पहले
कैंसर रोग में ग्रहों की भूमिका ...
सूचक माना गया है। जन्म कुंडली में कैंसर रोग होने के योग व्यक्ति की जन्म कुंडली में निम्न ग्रहों के योग होने से कैंसर जैसे भयानक रोग की आशंका होती है :-... के योग व्यक्ति की जन्म कुंडली में निम्न ग्रहों के योग होने से कैंसर जैसे भयानक रोग की आशंका होती है :- * शनि, मंगल, राहु, केतु की युति षष्ठम, अष्ठम, बारहवें...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/article/0911/15/1091115017_1.htm - 3866.00kb
कर्क राशि वालों के लिए सलाह ...
गए हैं। जल तत्व प्रधान कर्क राशि का स्वामी चंद्र है। भाग चर है और कर्क लग्न की बाधक राशि वृष तथा बाधक ग्रह शुक्र है। लेकिन लाल किताब अनुसार शत्रु और मित्र ग्रहों का निर्णय कुंडली अनुसार ही होता है। ...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/raashi/0911/21/1091121028_1.htm - 2900.00kb - 2 दिन पहले
जब लग्न में राहु हो ...
में जन्म लेकर कम शिक्षा पाकर भी उच्च स्थान पर आसीन हो जाता है। ऐसे जातक अति साहसी, उच्चाकाँक्षी, अभिमानी और किसी की परवाह न करने वाले होते हैं। लग्न में उच्च का राहु (वृषभ का) जीवन के उत्तरार्द्ध में...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0911/19/1091119027_1.htm - 1780.00kb - 4 दिन पहले
राहु-केतु का राशि परिवर्तन ...
और केतु कर्क राशि छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश कर रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस राशि परिवर्तन से मकर राशि में गुरु और राहु का चांडाल योग समाप्त होगा। इससे प्राकृतिक विपदाओं की अशुभता कम होगी और...
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