क्रिया योग के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
योग के आयाम ...
पर अधिक रहता है। यही क्रिया योग है। (3) लययोग : यम, नियम, स्थूल क्रिया, सूक्ष्म क्रिया, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि। उक्त आठ लययोग के अंग है। (4)... योग, साधना योग, क्रिया योग, सहज योग, मुद्रायोग, मंत्रयोग और तंत्रयोग आदि अनेक योगों की भी चर्चा की जाती है, किंतु उक्त छह योगांग के अंतर्गत सभी तरह के...
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महायोगी गुरु गोरखनाथ ...
सिद्धों की भोग-प्रधान योग-साधना की प्रतिक्रिया के रूप में आदिकाल में नाथपंथियों की हठयोग साधना आरम्भ हुई। इस पंथ को चलाने वाले मत्स्येन्द्रनाथ (मछंदरनाथ)... इस पंथ के साधक लोगों को योगी, अवधूत, सिद्ध, औघड़ कहा जाता है। कहा यह भी जाता है कि सिद्धमत और नाथमत एक ही हैं। गोरक्षनाथ के जन्मकाल पर विद्वानों में मतभेद...
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जानें धौती कर्म को ...
और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त... होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। इस बार जानें धौती कर्म को। 1. वमन धौती : पाँच छ: ग्लास गुनगुना...
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योग का इतिहास ...
मिलता है। 'यस्मादृते न सिध्यति यज्ञो विपश्चितश्चन। स धीनां योगमिन्वति।।-ऋक्संहिता, मंडल-1, सूक्त-18, मंत्र-7। अर्थात- योग के बिना विद्वान का भी कोई यज्ञकर्म सिद्ध नहीं होता। वह योग क्या है? योग चित्त...
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सुधारे कर्म चक्र को ...
उपाय हैं, वे सब इसमें शामिल हैं। अर्जुन ने कहा, 'हे जनार्दन! जब आप कर्मों की अपेक्षा ज्ञान को श्रेष्ठ तथा मान्य बताते हैं तो फिर मुझे कर्म करने के लिए क्यों कह रहे हैं? आपकी बातें मेरी बुद्धि को भ्रम...
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कपालभाती प्राणायाम ...
कपालभाती प्राणायाम को हठयोग के षट्कर्म क्रियाओं के अंतर्गत लिया गया है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपालभाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। योग... धौती 5. बस्ती 6. नौली। योग के ही कुछ प्राणायाम और ध्यान की तकनीक को मिलाकर ही श्रीश्री रविशंकर ने आर्ट ऑफ लिविंग और ओशो ने सक्रिय ध्यान की विधियाँ विकसित...
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बस्ती और नौली क्रिया ...
और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त... होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। इस बार जानें बस्ती और नौली क्रिया को। बस्ती क्रिया : यह गुदा...
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शंख प्रक्षालन या शंख धौति ...
प्रक्षालन' या 'वारिसार'क्रिया कहलाता है। इस क्रिया का हमने अनेक रोगी व्यक्तियों पर परीक्षण किया और पाया है कि इस क्रिया से व्यक्ति का वास्तव में कायाकल्प... को दूर करने में यह क्रिया सक्षम है। समस्त उदर रोग, मोटापा, बवासीर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धतुरोग आदि कोई ऐसा रोग नहीं, जिसमें इस क्रिया से लाभ न होता हो।...
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त्राटक और नेती क्रिया ...
और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त... होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। सर्वप्रथम जानें त्राटक और नेती के बारे में:- 1. त्राटक क्रिया...
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षट्‍कर्म अथवा शुद्धिकारक क्रियाएँ ...
जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त हो सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। शरीर जीवात्मा का घर...
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