चतुष्टय के लिए खोज परिणाम ( 1-2 )
मनुष्य देह और बारह भाव- भाग 2 ...
चतुर्थ भाव, पातल, वृद्धि, हिबुक, मातृ, यान, गेह, सुख, चतुष्टय इत्यादि नामों से जाना जाता है। चौथे भाव में ठुड्डी के नीचे की पसलियों की हड्डी और उस पर आया स्तन प्रदेश है, जिसमें हृदय के ऊपर का भाग और फेफड़े समाए हैं।...
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बौद्ध धर्म के आर्यसत्य-चतुष्टय ...
(4) दुःखनिरोध-गामिनी पहला आर्य सत्य दुःख है। जन्म दुःख है, जरा दुःख है, व्याधि दुःख है, मृत्यु दुःख है, अप्रिय का मिलना दुःख है, प्रिय का बिछुड़ना दुःख है, इच्छित वस्तु का न मिलना दुःख है। यह दुःख नाम...
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