धर्म तथा दर्शन के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
विश्व प्रसिद्ध पवित्र स्वर्ण मंदिर ...
सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता है। इस शुभ अवसर पर हम आपके लिए लाए हैं अमृतसर का स्वर्ण मंदिर। अमृतसर... एक शहर का नाम, जिसकी पहचान है वहाँ के स्वर्ण मंदिर से। सुनहरी आभा लिए इस मंदिर क...
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सर्वधर्म समभाव ...
- महावीर सरन जैन धर्म की प्रासंगिकता एक व्यक्ति की मुक्ति में ही नहीं है। धर्म की प्रासंगिकता एवं प्रयोजनशीलता शान्ति, व्यवस्था, स्वतंत्रता, समता, प्रगति... में भी निहित है। धर्म का सम्बन्ध आचरण से है। धर्म आचरणमूलक है। दर्शन एवं धर्म में अन्तर है। दर्शन मार्ग दिखाता है, धर्म की प्रेरणा से हम उस मार्ग पर बढ़ते...
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सर्वधर्म समभाव ...
है और न किसी से द्वेष। धर्म का अभिप्राय व्यक्ति के चित्त का शुद्धिकरण है जहाँ पिण्ड में ही ब्रह्माण्ड' है। समस्त प्राणियों के प्रति मैत्रीभाव, प्रेमभाव... मैत्रीभाव, प्रेमभाव तथा समभाव होना ही धर्म है और इस दृष्टि से 'सर्वधर्म समभाव' में से यदि विशेषणों को हटा दें तो शेष रह जाता है- 'धर्म-भाव'। सम्प्रदाय...
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सर्वधर्म समभाव ...
अध्यात्म सत्य को भौतिकवादी आवरण से ढँकने का बार-बार प्रयास करते हैं। इन्हीं के कारण चित्त की आन्तरिक शुचिता का स्थान बाह्य आचार ले लेते हैं। पाखंड बढ़ने लगता है। कदाचार का पोषण होने लगता है। जब धर्म...
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भविष्य का धर्म एवं दर्शन- 1 ...
अस्तित्ववादी दर्शन यह मानता है कि मनुष्य का सृष्टा ईश्वर नहीं है और इसीलिए मानव-स्वभाव, उसका विकास, उसका भविष्य भी निश्चित एवं पूर्व मीमांसित नहीं है।... हुए भी अस्तित्वववादी-दर्शन समाज के धरातल पर अत्यन्त अव्यावहारिक है। वह यह मानता है कि चेतनाओं के पारस्परिक सम्बन्धों की आधार भूमि सामंजस्य नहीं अपितु...
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भगवान महावीर एवं जैन दर्शन ...
भगवान महावीर पूर्व जैन धर्म की परम्परा 2. भगवान महावीर : जीवन वृत्त 3. जैन दर्शन एवं जैन धर्म 4. जैन धर्म एवं दर्शन : प्रत्येक प्राणी के कल्याण का मार्ग... के कल्याण का मार्ग तथा सामाजिक प्रासंगिकता 5. जैन धर्म एवं दर्शन की वर्तमान युगीन प्रासंगिकता पहले अध्याय में श्रमण परम्परा, आर्हत्‌ धर्म, निर्ग्रन्थ...
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भगवान महावीर एवं जैन दर्शन ...
दृष्टि उत्पन्न होती है तथा अपने अपने मत एवं मान्यता के प्रति आग्रह मूलक दृष्टि का विकास होता है। लेखक ने जहाँ आवश्यक हुआ है वहीं इनकी ओर संकेत किया है।... में भ्रमण कर धर्मोपदेश दिया, उनका संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत है। जैन आचार्यों ने उपतंत्रकर्ता एवं अनुतंत्रकर्ता के रूप में जैन दर्शन एवं भगवान महावीर की...
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Color of festivals : Beauty of life ...
ND गुरुनानक देवजी सिख धर्म के संस्थापक ही नहीं, अपितु मानव धर्म के उत्थापक थे। वे केवल किसी धर्म विशेष के गुरु नहीं अपितु संपूर्ण सृष्टि के जगद्गुरु थे... का नाम कल्याणराय मेहता तथा माता का नाम तृपताजी था। भाई गुरुदासजी लिखते हैं कि इस संसार के प्राणियों की त्राहि-त्राहि को सुनकर अकाल पुरख परमेश्वर ने इस...
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भगवान महावीर एवं जैन दर्शन ...
प्राणीमात्र के कल्याण तथा सामाजिक सद्भाव एवं सामरस्य की दृष्टि से दशलक्षण धर्म। इस अध्याय में गृहस्थ की दृष्टि से आचरण की मीमांसा करना अभीष्ट है। लेखक... का शीर्षक है - 'जैन धर्म एवं दर्शन की वर्तमान युगीन प्रासंगिकता।' इस अध्याय का प्रतिपाद्य है कि अनेकांतवादी दृष्टि, परिग्रह-परिमाण-व्रत का अनुपालन तथा...
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मोढ़ेरा का विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर ...
- भीका शर्मा और जनक झाला धर्मयात्रा की इस बार की कड़ी में हम आपको लेकर चलते हैं मोढ़ेरा के विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर, जो अहमदाबाद से तकरीबन सौ किलोमीटर... लंबाई 51 फुट और 9 इंच तथा चौड़ाई 25 फुट 8 इंच है। मंदिर के सभामंडप में कुल 52 स्तंभ हैं। इन स्तंभों पर बेहतरीन कारीगरी से विभिन्न देवी-देवताओं के चित्रों...
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