पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब सल्ल के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
सलाम आप पर ताजदारे मदीना... ...
जन्मदिन हिजरी रबीउल अव्वल महीने की 2 तारीख को मनाया जाता है। 571 ईसवी को शहर मक्का में पैगंबर साहब हजरत मुहम्मद सल्ल. का जन्म हुआ था। मक्का सऊदी अरब में स्थित है। आप सल्ल. के वालिद साहब (पिता) का ना...
hindi.webdunia.com/religion/religion/islam/0906/17/1090617033_1.htm - 5324.00kb
ईद मिलादुन्नबी का जश्न ...
शहर मक्का में पैगम्बर साहब हजरत मुहम्मद सल्ल. का जन्म हुआ था। इसी की याद में ईद मिलादुन्नबी का पर्व मनाया जाता है। हजरत मुहम्मद सल्ल. ने ही इस्लाम धर्म... जाता है। हजरत मुहम्मद सल्ल. ने ही इस्लाम धर्म की स्‍थापना की है। आप हजरत सल्ल. इस्लाम के आखिरी नबी हैं, आपके बाद अब कायामत तक कोई नबी नहीं आने वाला। मक्का...
hindi.webdunia.com/religion/religion/islam/0903/09/1090309108_1.htm - 3110.00kb
'रोजा' : रहमत का शामियाना-10 ...
की मानिन्द है। हदीस (पैगंबर की अमली ज़िंदगी के दृष्टांत) की रोशनी में देखें तो तिर्मिज़ी-शरीफ़ (हदीस)में मोहम्मद सल्ल. ने फर्माया, लोगों! तुम अल्लाह से फजल... बरसती है। क्योंकि हज़रत मोहम्मद सल्ल. की यह भी हदीस है कि 'दुआ दरअसल इबादत का मग़ज़ है।' कुल मिलाकर यह कि 'रोजा' रहमत का शामियाना और बरकत का आशियाना है।...
hindi.webdunia.com/religion/occasion/ramzan/0909/01/1090901022_1.htm - 2274.00kb
Religion to unite the Humanities ...
जाता है। अल्लाह के रसूल हजरत मुहम्मद (सल्ल.) ने इस मास को अल्लाह का महीना कहा है। साथ ही इस मास में रोजा रखने की खास अहमियत बयान की है। मुख्तलिफ हदीसों,... मुख्तलिफ हदीसों, यानी हजरत मुहम्मद (सल्ल.) के कौल (कथन) व अमल (कर्म) से मुहर्रम की पवित्रता व इसकी अहमियत का पता चलता है। ऐसे ही हजरत मुहम्मद (सल्ल.)...
hindi.webdunia.com/religion/religion/islam/0801/21/1080121008_1.htm - 43.16kb
पैगंबर की पत्नी पर किताब का प्रकाशन नहीं ...
एक अमेरिकी प्रकाशक ने पैगंबर मोहम्मद साहब की सबसे छोटी बीवी पर लिखे गए उपन्यास को प्रकाशित नहीं करने का फैसला किया है। किताब को लेकर जारी विवाद के बाद... किया जाना था। यह किताब पैगंबर मोहम्मद साहब की बीवी हजरत आयशा रजि. पर लिखी गई है। प्रकाशक रैंडम हाउस ने पुस्तक को लेकर जारी विवाद के कारण अनुबंध से स्वयं...
hindi.webdunia.com/news/news/international/0808/19/1080819058_1.htm - 21.16kb
कुरान में महिला अधिकारों को मान्यता ...
व्यवहार किया जाता था और पैगंबर मोहम्मद साहब ने महिला अधिकारों को इस्लाम और समाज में मान्यता दी। मौलाना सैयद कलीमुद्दीन अहमद ने बताया पवित्र कुरान से पहले... हुए उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद साहब ने महिलाओं को समाज में अधिकार दिलाने के मुहिम की शुरूआत की। उस समय तक महिलाओं के साथ जायदाद और गुलाम जैसा व्यवहार...
hindi.webdunia.com/news/news/regional/0712/31/1071231005_1.htm - 29.50kb
अल्लाह का महीना ...
कि इस दिन अल्लाह के नबी हजरत नूह (अ) की किश्ती को किनारा मिला था। इसके साथ ही आशूरे के दिन यानी 10 मुहर्रम को एक ऐसी घटना हुई थी, जिसका विश्व इतिहास में... मिसाल है। इस घटना में हजरत मुहम्मद (सल्ल) के नवासे (नाती) हजरत हुसैन को शहीद कर दिया गया था। आज आशूरा मात्र इसी कांड से जोड़कर देखा जाता है। कर्बला की...
hindi.webdunia.com/religion/religion/islam/0801/21/1080121008_2.htm - 38.74kb
Religion to unite the Humanities ...
का जीवन ही संदेश था हजरत मोहम्मद का जन्मदिवस - ' मोहम्मद इब्राहीम कुरैश ी ND पैगम्बरे इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्ल. 22 अप्रैल ईस्वी 571 को अरब में पैदा हुए।... ने सबसे पहला स्थान हजरत मुहम्मद (सल्ल.) को दिया है। लेखक ने आपके गुणों को स्वीकारते हुए लिखा है। he was the only man in history who was supremely succesful...
hindi.webdunia.com/religion/religion/islam/0803/18/1080318017_1.htm - 41.90kb
विवादास्पद उपन्यास अमेरिका में प्रकाशित (मोहम्मद पैगम्बर, ...
2008( 23:51 IST ) ' पैगंबर हजरत मोहम्मद की सबसे छोटी पत्नी आयशा के जीवन पर आधारित उपन्यास निर्धारित समय से पहले अमेरिका में प्रकाशित कर दिया गया है। पिछले... किया है। आयशा को पैगंबर हजरत मोहम्मद की सबसे प्रिय पत्नी कहा जाता है। उपन्यास का कथानक उस समय से शुरू होता है, जब आयशा छह बरस की थीं। इसमें उस समय से...
hindi.webdunia.com/samayik/bbchindi/bbchindi/0810/08/1081008109_1.htm - 22.45kb
औरतों को नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं... ...
हैं। मौलाना ने कहा कि हजरत पैगम्बर साहब के जमाने में कुछ अरसे तक औरतों ने मस्जिद में नमाज पढ़ी। वे मर्दों के पीछे खड़ी होती थीं। इमाम मर्द होता था। बाद... मर्द होता था। बाद में मोहम्मद साहब ने इस पर पाबंदी लगा दी थी। उन्होंने कहा कि औरतें घरों में रहकर एकांत में नमाज पढ़ सकती हैं, वहां भी कोई उनकी इमामत...
hindi.webdunia.com/news/news/regional/0805/08/1080508115_1.htm - 31.04kb
संबंधित खोज