प्रथम तीर्थंकर के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
जैन तीर्थंकरों का परिचय-1 ...
में बहुत कुछ पढ़ने को मिलता है किंतु उक्त के बीच के तीर्थंकरों के बारे में कम ही जानकारी मिलती हैं। निश्चित ही जैन शास्त्रों में इनके बारे में बहुत कुछ लिखा होगा, लेकिन आम जनता उनके बारे में कम ही जा...
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नजरबंदी एवं दृष्टिदोष हेतु ...
यः संस्तुतः सकल-वाङ्मय-तत्वबोधादुद्भूतबुद्धिपटुभिः सुरलोकनाथैः। स्तोत्रैर्जगत्त्रितयचित्तहरैरुदारैः स्तोष्ये किलाहमपि तं प्रथमं जिनेन्द्रम्‌॥ (2) समग्र शास्त्रावबोध से युक्त सूक्ष्म प्रज्ञा के धनी दे...
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महामंगल का प्रतीक कल्पसूत्रजी वाचन ...
प्रस्तुत किए गए हैं। प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव से लेकर भगवान महावीर तक साधुओं के प्रायश्चित कर्म में जड़, वक्र एवं सरल बुद्धि का वर्णन है। चातुर्मास काल में... प्रारंभ होकर सर्वप्रथम तीर्थंकर महावीर प्रभु के जीवन दर्शन का वर्णन है। परमात्मा उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में देवलोक च्यवित होकर माता देवानंदा की कुक्षी...
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हिन्दू और जैन धर्म को जानें ...
में कृष्ण जैनियों के प्रथम तीर्थंकर होंगे। यह सिर्फ एक उदाहरण है जिससे विचारधाराएँ अलग-अलग होने के बावजूद साम्यता के स्तर का पता चलता है। ऐसे अनेक उदाहरण... भिन्नता थी। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेवजी का उल्लेख वेद में मिलता है। इससे यह सिद्ध होता है कि उनका उल्लेख तभी हुआ जबकि वे हो चुके थे, तो 'उल्लेख...
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जानें जैन धर्म को ...
: अरिहंतों को नमस्कार, सिद्धों को नमस्कार, आचार्यों को नमस्कार, उपाध्यायों को नमस्कार, सभी साधुओं को नमस्कार। दुनिया के सबसे प्राचीन धर्म जैन धर्म को श्रमणों का धर्म कहा जाता है। वेदों में प्रथम तीर...
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बद्रीनाथ जाएँगी आदिनाथजी की कलाकृतियाँ ...
जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ के पूर्व 10 भवों (जीवन) पर बनी 11 अलग-अलग मूर्तमान उभारी शुद्ध सोने की स्वर्णकारी से बनी कलाकृति का लोकार्पण इंदौर के दिगंबर जैन कुंदकुंद ज्ञानपीठ, पलासिया पर शिक्षामंत्री अर्चना चिटनीस के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ।...
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नेम राजुल का पवित्र प्रेम ...
हुए दोनों हाथों को चरणों के नीचे रखकर जल में से ऊपर उठाया। इस प्रकार उपसर्ग हर धरणेन्द्र पद्मावतिताय पूजिताय पार्श्वनाथाय नमः मंत्र का सूत्रपात हुआ। पार्श्वनाथ परमात्मा कैवल्यज्ञान को प्राप्त कर तैंत...
hindi.webdunia.com/religion/religion/jainism/0708/18/1070818005_2.htm - 25.16kb
भगवान ऋषभनाथ को जानें ...
जाता है। कैलाश पर्वत पर ही वृषभनाथ को कैवल्य ज्ञान प्राप्त हुआ था। नाथ कहने से वे नाथों के नाथ हैं। वे जैनियों के ही नहीं हिंदू और सभी धर्मों के तीर्थंकर हैं , क्योंकि वे परम प्राचीन आदिनाथ हैं। महाम...
hindi.webdunia.com/religion/religion/jainism/0902/03/1090203030_1.htm - 4944.00kb
जैन तीर्थंकरों का परिचय-2 ...
जैन धर्म के 24 तीर्थंकर है। इनमें से प्रथम तथा अंतिम चार तीर्थंकरों के बारे में बहुत कुछ पढ़ने को मिलता है किंतु उक्त के बीच के तीर्थंकरों के बारे में... है किंतु उक्त के बीच के तीर्थंकरों के बारे में कम ही जानकारी मिलती हैं। निश्चित ही जैन शास्त्रों में इनके बारे में बहुत कुछ लिखा होगा, लेकिन आम जनता उनके...
hindi.webdunia.com/religion/religion/jainism/0911/12/1091112056_1.htm - 12492.00kb
भगवान महावीर एवं जैन दर्शन ...
महावीर पूर्व जैन धर्म की परम्परा 2. भगवान महावीर : जीवन वृत्त 3. जैन दर्शन एवं जैन धर्म 4. जैन धर्म एवं दर्शन : प्रत्येक प्राणी के कल्याण का मार्ग तथा सामाजिक प्रासंगिकता 5. जैन धर्म एवं दर्शन की वर्...
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