बुद्धत्व के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
दुखवादी नहीं, सुखवादी बनो ...
किया है। उपवास का भला बुद्धत्व से क्या ताल्लुक हो सकता है? ब्रह्मचर्य का बुद्धत्व से कोई संबंध नहीं हो सकता? बेतुकी बात है। जो भी तुम करते हो जैसे कि... कि तुम कहते हो कि मैं बुद्धत्व प्राप्त करने के लिए रात-रात भर जागता रहता हूँ। दिन में बुद्धत्व प्राप्त करने की कोशिश क्यों नहीं करते? रात भर जागने की...
hindi.webdunia.com/samayik/oshovani/osho/0704/17/1070417004_1.htm - 10130.00kb
बुद्ध बस गौतम बुद्ध जैसे हैं ...
दो, तो यह तुम्हारा बुद्धत्व को ही दिया गया सम्मान है, लेकिन तुम मेरा अंधानुकरण मत करना। क्योंकि तुम अंधे होकर मेरे पीछे चले तो बुद्ध कैसे हो पाओगे? बुद्धत्व... तो बुद्ध कैसे हो पाओगे? बुद्धत्व तो खुली आँखों से उपलब्ध होता है, बंद आँखों से नहीं। और बुद्धत्व तो तभी उपलब्ध होता है, जब तुम किसी के पीछे नहीं चलते,...
hindi.webdunia.com/samayik/oshovani/osho/0905/08/1090508091_2.htm - 4688.00kb
बुद्ध पूर्णिमा या बुद्ध जयंती ...
निर्वाण दिवस भी। इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी। आज बौद्ध धर्म को मानने वाले विश्व में 50 करोड़ से अधिक लोग इस दिन को बड़ी धूमधाम से मनाते हैं। हिन्दू धर्मावलंबियों के लिए बुद्ध विष...
hindi.webdunia.com/religion/occasion/buddha/0905/06/1090506117_1.htm - 3710.00kb
हीनयान और महायान ...
से निर्वाण प्राप्त कर निर्वाण प्राप्ति का उपदेश दिया। हीनयान अनीश्वरवादी और कर्मप्रधान दर्शन है। भाग्यवाद जीवन का दुश्मन है। महायान : महायान ने बुद्ध को ईश्वरतुल्य माना। सभी प्राणी बुद्धत्व को प्राप्...
hindi.webdunia.com/religion/religion/buddhism/0904/16/1090416053_2.htm - 2534.00kb
इन काँपते हाथों को बस थाम लो! ...
की कोशिश में बुद्धत्व को अर्जित कर लेता है। उसके दर्शन की रोशनी दुनिया में चारों तरफ फैल कर पसरे अंधेरे को दूर करती है। करोड़ों लोग इस रोशनी में अपने जख्मों को सहलाते हुए दुःख के रेशों की बनावट-बुनाव...
hindi.webdunia.com/samayik/article/article/0907/02/1090702092_1.htm - 6132.00kb
योग का ईश्वर ...
आदि, लेकिन ईश्‍वर न तो भगवान है और न ही देवता न ही देवाधिदेव। ईश्‍वर है परम सत्ता, जिसका स्वरूप है निराकार। जो उसे साकार सत्ता मानते हैं वे योगी नहीं, वैदिक नहीं। योग सूत्र में पतंजलि लिखते हैं - 'क्...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0806/04/1080604096_1.htm - 4798.00kb
बौद्ध दर्शन के मूल सिद्धांत ...
3.क्षणिकवाद। यह दर्शन पूरी तरह से यथार्थ में जीने की शिक्षा देता है। 1. अनीश्वरवाद बुद्ध ईश्वर की सत्ता नहीं मानते क्योंकि दुनिया प्रतीत्यसमुत्पाद के नियम पर चलती है। प्रतीत्यसमुत्पाद अर्थात कारण-कार...
hindi.webdunia.com/religion/religion/buddhism/0902/06/1090206028_1.htm - 3328.00kb
बुद्धं शरणं गच्छामि ...
हुआ तो खीर का भोग लगाऊँगी। उसकी मन्नत पूरी हो गई तब वह सोने की थाल में गाय के दूध की खीर लेकर वटवृक्ष के पास पहुँची और देखा की सिद्धार्थ उस वट के नीचे बैठे तपस्या कर रहे हैं। सुजाता ने इसे अपना भाग्य...
hindi.webdunia.com/religion/occasion/buddha/0905/08/1090508030_3.htm - 4878.00kb
पूर्व जन्म की साधना ...
की साधना कर रहा था। पूरे इक्कीस दिन के उपवास की साधना कर रहा था। पूरे इक्कीस दिन के उपवास के बाद मुझे शरीर छोड़ना था। इसके पीछे कुछ कारण थे, लेकिन मैं इक्कीस दिन पूरे नहीं कर सका। तीन दिन बच गए। वे त...
hindi.webdunia.com/samayik/oshovani/osho/0812/10/1081210159_1.htm - 7844.00kb
Religion to unite the Humanities ...
सावन में 'धम्म-धम्म बोल' और 'बम-बम बोल' की गूँज सर्वत्र सुनाई देती है। सावन में पूरा बनारस गेरुए रंग में सराबोर हो जाता है। गंगा भी गेरुए रंग में रँग जाती है, लेकिन शांत नहीं, इस समय गंगा ज्यादा चंचल...
hindi.webdunia.com/religion/religion/hindu/0704/21/1070421202_1.htm - 44.72kb
संबंधित खोज