योग क्रिया के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
जानें धौती कर्म को ...
और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त... होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। इस बार जानें धौती कर्म को। 1. वमन धौती : पाँच छ: ग्लास गुनगुना...
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योग के आयाम ...
वैसे तो अष्टांग योग में योग के सभी आयामों का समावेश हो जाता है किंतु जो कोई योग के अन्य मार्ग से स्वास्थ्‍य, साधना या मोक्ष लाभ लेना चाहे तो ले सकता है।... चाहे तो ले सकता है। योग के आमतौर पर छह प्रकार माने गए है। (1) राजयोग, (2) हठयोग, (3) लययोग, (4) ज्ञानयोग, (5) कर्मयोग और (6) भक्तियोग। जिस क्रम में इन्हें...
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आजारी असताना योगा करावा का....? ...
करा आपले उत्तर कीबोर्ड प्रदर्शित करा <%=RootPath %> /images/indicator.gif" id="ctl00_ContentPlaceHolder1_indicataor" alt="Loading " title="Loading " /> No spam please! When in doubt, please refer to ...
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योगी होगा चाँद पर जाने वाला पहला भारतीय ...
चाँद पर जाने वाले भारत के पहले आदमी को योग की गहन शिक्षा दी जाएगी। आप चाहें तो उसे "फ्लाइंग योगी" का नाम भी दे सकते हैं। योग क्रिया में पारंगत एस्ट्रोनॉट (अंतरिक्ष यात्री) के लिए शून्य गुरुत्वाकर्षण की स्थिति से निपटना बेहद आसान हो जाएगा।...
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षट्‍कर्म अथवा शुद्धिकारक क्रियाएँ ...
और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त... प्राप्त हो सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। शरीर जीवात्मा का घर है। प्राणों की क्रियाएँ संतुलित और...
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क्या है बंध और मुद्रा ...
ग्रंथों में मिलता है। हठयोग प्रदीपिका में 10 मुद्राओं का उल्लेख कर उनके अभ्यास पर जोर दिया गया है। ये हैं- महामुद्रा महाबंधो महावेधश्च खेचरी। उड्यानं... और बंध होते हैं। योगमुद्रा को कुछ योगाचार्यों ने 'मुद्रा' के और कुछ ने 'आसनों' के समूह में रखा है। दो मुद्राओं को विशेष रूप से कुंडलिनी जागरण में उपयोग...
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बस्ती और नौली क्रिया ...
और शुद्ध करने के लिए छ: क्रियाएँ विशेष रूप से की जाती हैं। जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त... होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। इस बार जानें बस्ती और नौली क्रिया को। बस्ती क्रिया : यह गुदा...
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शंख प्रक्षालन या शंख धौति ...
प्रक्षालन' या 'वारिसार'क्रिया कहलाता है। इस क्रिया का हमने अनेक रोगी व्यक्तियों पर परीक्षण किया और पाया है कि इस क्रिया से व्यक्ति का वास्तव में कायाकल्प... को दूर करने में यह क्रिया सक्षम है। समस्त उदर रोग, मोटापा, बवासीर, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धतुरोग आदि कोई ऐसा रोग नहीं, जिसमें इस क्रिया से लाभ न होता हो।...
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दृष्टिहीनों के लिए योगाभ्यास ...
को बनाए रखने के लिए योग से बढ़कर कुछ और नहीं है। इससे इनके शरीर में स्फूर्ति बनी रहती है एवं चयापचय क्रिया भी दुरुस्त रहती है। दृष्टिहीनों के लिए योगाभ्यास... है। दृष्टिहीनों के लिए योगाभ्यास कठिन नहीं होता साथ ही उन्हें इसके अनगिनत फायदे होते हैं। चूँकि दृष्टिहीन सभी कार्य मनोयोग से करते हैं इसलिए दो-तीन दिन...
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शंख प्रक्षालन या शंख धौति ...
हुआ गर्म जल पीकर ही यह क्रिया करनी चाहिए। विधि: तैयार किए हुए यथानिर्दिष्ट पानी के एक या दो ग्लास उत्कटासन में (उकडूँ) बैठकर बिना स्वाद लिए जल्दी से पी... जितनी इच्छा हो खाएँ। इस क्रिया से सम्पूर्ण शरीर की शुद्धि हो जाती है। शुद्धि करने के पश्चात्‌ जैसे गाड़ियों में ग्रिसिंग कराते हैं, वैसे ही शरीर में ग्रिसिंग...
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