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योग दर्शन
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दर्शन जरीवाला darshan jariwala
साँसों में तूफान पैदा करो... ...
अर्थात सिद्धांत और प्रा
योग
- इन दोनों के बीच भी कुछ चीजें होती है, जिन्हें हम प्राणायाम की पूर्व तैयारी भी नहीं कह सकते, बल्कि कहेंगे की कुछ ऐसी बातें
...
प्रथम दिशा और द्वितीय
योग
ानुसार नियंत्रण या रोकना, तृतीय- विस्तार या लम्बायमान होना। प्राणों को ठीक-ठीक गति और आयाम दें, यही प्राणायाम है। लोगों की साँसें
...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0911/05/1091105087_1.htm - 10298.00kb
सुन्दरता के लिए
योग
...
तक नहीं टिक पाता है।
योग
ासन और प्राकृतिक चिकित्सा दो ऐसे साधन हैं जिनके जरिए महिलाएँ उम्रदराज होने पर भी सुंदर लग सकती हैं। क्या करें :
योग
ासन के लिए
...
सकती हैं। क्या करें :
योग
ासन के लिए रोज 20-25 मिनट जरूर निकालें। इससे त्वचा की झुर्रियों के साथ पेट की थुलथुल चर्बी से भी मुक्ति मिल सकेगी। मुलायम और
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hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0910/27/1091027090_1.htm - 6988.00kb
लोकप्रिय हो रहा है 'मेडिकल
योग
' ...
शामिल की जाए तो इसका असर कुछ खास ही होगा। मेडिकल
योग
की यही तकनीक इन दिनों घुटने, पीठ दर्द, मधुमेह के मरीजों के बीच लोकप्रिय हो रही है। मेडिकल
योग
में सभी तकनीक जैसे एमआरआई, एक्स-रे, सीटीस्कैन आदि से
...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0910/20/1091020083_1.htm - 5818.00kb
योग
में 'पवित्रता' का महत्व ...
नियमा:।।-
योग
दर्शन
2/32 भावार्थ : शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्राणिधान ये पाँच नियम है। शौच को अंग्रेजी में Purity कह सकते हैं। अष्टांग
योग
के
...
कह सकते हैं। अष्टांग
योग
के दूसरे अंग 'नियम' के उपांगों के अंतर्गत प्रथम 'शौच' का जीवन में बहुत महत्व है। शौच अर्थात शुचिता, शुद्धता, शुद्धि, विशुद्धता,
...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0910/07/1091007099_1.htm - 4218.00kb
भारतीय
दर्शन
और
योग
...
दर्शन
है। इसके अनुसार विश्व प्रपंच के प्रकृति और पुरुष दो मूल तत्व हैं। पुरुष चेतन तत्व है और प्रकृति जड़। इसके अनुसार जगत का उपादान तत्व प्रकृति है। सत्व, रज और तम आदि तीन गुण उसके अभिन्न अंग हैं। जब
...
hindi.webdunia.com/religion/religion/dhyan_yog/0708/24/1070824048_2.ht... - 23.92kb
योग
का प्रथम अंग 'यम' ...
कहे गए है यह अष्टांग
योग
का पहला चरण है। यम को ही विभिन्न धर्मों ने अपने-अपने तरीके से समझाया है किंतु
योग
इसे समाधि तक पहुँचने की पहली सीढ़ी मानता है।
...
से समझाया है किंतु
योग
इसे समाधि तक पहुँचने की पहली सीढ़ी मानता है। यह उसी तरह है जिस तरह की प्राथमिक स्कूल में दाखिला लिया जाता है। निश्चित ही इसे साधना
...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0804/16/1080416101_1.htm - 5268.00kb
शाही सैरगाहों में '
योग
' ...
- मीरा राय
योग
रूपी प्राचीन भारतीय विद्या का डंका बीसवीं सदी के मध्य से ही पश्चिमी देशों में बजने लगा था। इक्कीसवीं सदी में '
योग
ा' विश्वस्तर पर एक बड़ा
...
था। इक्कीसवीं सदी में '
योग
ा' विश्वस्तर पर एक बड़ा कारोबार बन गया है। इंडोनेशिया से लेकर अमेरिका तक भव्य '
योग
ा रिजोर्ट' खुल गए हैं, जहाँ दुनिया भर के, खास
...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0908/10/1090810060_1.htm - 7990.00kb
दौड़ने का मजा ...
है। दौड़ाक कई बार सं
योग
से चौथे के, तुरीय के अनुभव से गुजर जाते हैं, यद्यपि वे उसे चूक जाएँगे- वे सोचेंगे कि शायद दौड़ने के कारण ही उन्होंने इस क्षण का
...
दौड़ना) अपूर्व रूप से सह
योग
ी हो सकती है, तैरना बहुत सह
योग
ी हो सकता है। इन सब चीजों को ध्यान में रूपांतरित कर लेना है। ध्यान की पुरानी धारणा को छोड़ दें
...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0807/19/1080719061_1.htm - 6038.00kb
शाही सैरगाहों में '
योग
' ...
शांति के लिए
योग
ा रिजॉर्ट्स आज भव्यतम सैरगाह साबित हो रही है। दुनिया की ऐसी 10 भव्यतम सैरगाहें हैं: *हुआ हिन (थाइलैंड), श्री कैनील वे, वर्जिन आलैंड (अमेरिका),
...
*दुनिया के बेस्ट
योग
ा रिजॉर्ट में कैनिल वे, वर्जिन आइसलैंड (अमेरिका) की भी धूम है। यहाँ के रिजॉर्ट की खासियत यह है कि जहाँ दुनिया की दूसरी जगहों में
योग
ा
...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0908/10/1090810060_2.htm - 6920.00kb
भारतीय
दर्शन
और
योग
...
पतंजलि कहते हैं - '
योग
ाश्चित्त वृत्तिनिरोधः'। अर्थात
योग
चित्त की वृत्तियों का संयमन है। चित्त वृत्तियों के निरोध के लिए महर्षि पतंजलि ने द्वितीय और तृतीय पाद में जिस अष्टांग
योग
साधन का उपदेश दिया ह
...
hindi.webdunia.com/religion/religion/dhyan_yog/0708/24/1070824048_3.ht... - 23.61kb
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