योग मुद्रा के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
लंदन में कुत्ते भी कर रहे हैं योग! ...
कैलेंडर में कुत्तों को योग की विभिन्न मुद्राओं में दिखाया गया है। कैलेंडर में एक गोल्डन रीट्रीवर को युद्ध कर रहे सैनिक और एक चिहुआहुआ को विचाराधीन मुद्रा... चिहुआहुआ को विचाराधीन मुद्रा में दिखाया गया है। न्यू योगा डॉग्स-2010 नाम का यह कैलेंडर पशुप्रेमियों के चेहरे पर खासी मुस्कान ला रहा है। टेक्सास के डैन...
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पृथ्वी मुद्रा ...
जागृत करती है। योगियों ने मनुष्य के शरीर में दो मुख्य नाड़ियाँ बतलाई हैं। एक सूर्यनाड़ी और दूसरी चन्द्र नाड़ी। पृथ्वी मुद्रा करने के दौरान अनामिका अर्थात सूर्य अंगुली पर दबाव पड़ता है, जिससे सूर्य ना...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0901/21/1090121096_1.htm - 1292.00kb
ब्रह्म मुद्रा ...
जाते है। अत: इसे ब्रह्म मुद्रा आसन से जाना जाता है। विधि : जिस आसन में सुख का अनुभव हो वैसा आसन चुनकर (पद्मासन, सिद्धासन, वज्रासन) कमर तथा गर्दन को सीधा... है। सावधानियाँ : ब्रह्म मुद्रा का अभ्यास करते समय यह ध्यान रखना चाहिए क‍ि मेरूदंड पूर्ण रूप से सीधी हो। जिस गति से हम गर्दन को दायीं या बायीं ओर ले जाते...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/yogasan/0804/16/1080416094_1.htm - 2418.00kb
प्रणाम मुद्रा का महत्व ...
दोनों ही शब्द का उपयोग सूर्य और ईश्वर के लिए किए जाता है किंतु प्रणाम शब्द का उपयोग सभी के लिए किया जा सकता है। प्रणाम विनय का सूचक है। समूचे भारतवर्ष... इसका प्रचलन है। प्रणाम मुद्रा को करने के अनेकों फायदे हैं। योगासन या अन्य कार्य की शुरुआत के पूर्व इसे करना चाहिए। इसको करने से मन में अच्छा भाव उत्पन्न...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0905/20/1090520017_1.htm - 2570.00kb
क्या है बंध और मुद्रा ...
अन्य ग्रंथों में मिलता है। हठयोग प्रदीपिका में 10 मुद्राओं का उल्लेख कर उनके अभ्यास पर जोर दिया गया है। ये हैं- महामुद्रा महाबंधो महावेधश्च खेचरी। उड्यानं मूलबंधश्च बंधो जालंधराभिश्च:।। करणी विपरीताख...
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मानव शरीर में उँगलियों का महत्व ...
सभी रत्न अँगूठी के माध्यम से इसी में धारण किए जाते हैं, जिसके पीछे कारण यह है कि वे रत्न सूर्य से वांछित ऊर्जा प्राप्त कर जातक (धारण करने वाले) को प्रदान करते हैं, जिससे उसके भीतर वांछित ऊर्जा की कमी...
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लिंग मुद्रा ...
लिंग या अँगुष्ठ मुद्रा पुरुषत्व का प्रतीक है इसीलिए इसे लिंग मुद्रा कहा जाता है। विधि : दोनों हाथों की सभी अँगुलियों को एक-दूसरे से मिलाकर ग्रीप बनाएँ... कफ को दूर करती है। यह मुद्रा बलगम को रोककर फेफड़ों को शक्ति प्रदान करती है। व्यक्ति में स्फूर्ति और उत्साह का संचार करती है। अवांछित कैलोरी को हटाकर मोटापे...
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गर्मी में ठंडक का अहसास ...
तो हम आपको बताते हैं योग के कुछ नुस्खे। प्राणायाम : शीतली और शीतकारी प्राणायाम करें। आप इसे कभी भी, कहीं भी कर सकते हैं। बस ध्यान रखें कि जहाँ भी कर रहे... भरपूर ठंडक का मजा लें। मुद्रा : शून्य, वायु और वरुण मुद्रा गर्मी में लाभदायक है। गर्मी में आमतौर पर सुस्तपन छा जाता है। शून्य मुद्रा आपके शरीर के सुस्तपन...
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बंध को जानें ...
जाता है। इसके अभ्यास से योगी प्राणों को नियंत्रित कर सफलता पूर्वक कुंडलिनी जाग्रत करता है। बंध और मुद्रा दोनों का अभ्यास साथ-साथ किया जाता है। पाँच प्रमुख... : आसन, प्राणायाम, मुद्रा और बंध (Yaga Exercises For Health and Happiness) लेखक : स्वामी ज्योतिर्मयानंद हिंदी अनुवाद : योगिरत्न डॉ. शशिभूषण मिश्र प्रकाशक...
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मुद्रा का महत्व ...
की पुस्तक से अंश मुद्रा का शाब्दिक अर्थ है मुहर। चूँकि यह मन को आत्मा के साथ जोड़कर मुहरबंद कर देता है, इसलिए इस अभ्यास को मुद्रा कहा जाता है। मुद्रा... है, इसलिए इस अभ्यास को मुद्रा कहा जाता है। मुद्रा के अभ्यास क्रम में साँस को रोका जाता है। प्राणों को नियंत्रित कर मन को संयमित करने में मुद्रा का अभ्यास...
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