योग सूत्र के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
योगसूत्र की भाष्य परम्परा ...
महर्षि पतंजलि का ग्रंथ योग सूत्र योग की सभी विद्याओं का ठीक-ठीक संग्रह माना जाता है। इसी रचना पर व्यासजी के 'व्यास भाष्य' को योग सूत्र पर लिखा प्रथम प्रामाणिक... के 'व्यास भाष्य' को योग सूत्र पर लिखा प्रथम प्रामाणिक भाष्य माना जाता है। व्यास द्वारा महर्षि पतंजलि के योग सूत्र पर दी गई विस्तृत लेकिन सुव्यवस्थित व्याख्या।...
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हिब्रू भाषा में अनूदित योग सूत्र ...
IST ) BBC BBC पतंजलि के योग सूत्र का दुनिया की कई भाषाओं में अनुवाद हो चुका है, लेकिन अब उसका पहली बार हिब्रू में अनुवाद किया गया है जो अब यहाँ बाजार... हालाँकि पहले भी कुछ लोग योग सूत्र का हिब्रू में अनुवाद करने की कोशिश कर चुके हैं मगर पहली बार यह समालोचना के साथ प्रकाशित हुआ है और इसकी हजारों प्रतियाँ...
hindi.webdunia.com/samayik/bbchindi/bbchindi/0711/24/1071124043_1.htm - 36.13kb
पातंजलि का योगसूत्र ...
गया है। (3)विभूतिपाद : योग सूत्र के अध्याय तीन 'विभूतिपाद' में धारणा, ध्यान और समाधि के संयम और सिद्धियों का वर्णन कर कहा गया है कि साधक को भूलकर भी सिद्धियों... किया गया है। यहीं पर योग सूत्र की समाप्ति होती है। अंतत: : पांतजलि ने ग्रंथ में किसी भी प्रकार से अतिरिक्त शब्दों का इस्लेमाल नहीं किया और ना ही उन्होंने...
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सिद्धि एवं चमत्कार ...
यदि साधक सिद्धि का उपयोग सार्वजनिक करते हुए सामान्य लोगों के सामने प्रदर्शित करता है, तो उसे 'चमत्कार' कहा जाता है। साधक यदि सिद्धि प्राप्त करने के पश्चात... है अथवा उस सिद्धि का उपयोग करके भौतिक लाभ प्राप्त करता है तब धीरे-धीरे उसकी सिद्धियाँ क्षीण होने लगती हैं अर्थात उसकी मन की स्थिति चंचल होती है और सिद्धि...
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महर्षि पतंजलि ...
इनका जन्म गोनारद्य (गोनिया) में हुआ था लेकिन कहते हैं कि ये काशी में नागकूप में बस गए थे। यह भी माना जाता है कि वे व्याकरणाचार्य पाणिनी के शिष्य थे। पतंजलि को शेषनाग का अवतार भी माना जाता है। भारतीय ...
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योग का ईश्वर ...
आदि, लेकिन ईश्‍वर न तो भगवान है और न ही देवता न ही देवाधिदेव। ईश्‍वर है परम सत्ता, जिसका स्वरूप है निराकार। जो उसे साकार सत्ता मानते हैं वे योगी नहीं, वैदिक नहीं। योग सूत्र में पतंजलि लिखते हैं - 'क्...
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योग से प्यार तक ...
अलगाव में बदल सकती हैं। योग हमारे प्यारभरे जीवन को नए-नए आयाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। योग का अर्थ ही होता है जोड़। योग हमारे विचारों... अर्थ ही होता है जोड़। योग हमारे विचारों और भावनाओं को एक नए रूप में प्रस्तुत करने में सक्षम है। योग के माध्यम से आप अपने प्रेमी या प्रेमिका के प्रति और...
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अहिंसा का भाव ...
का भाव नहीं तो योग में आगे बढ़ना भी मुश्किल है। हम जब भी अहिंसा की बात करते हैं तो अकसर यह खयाल आता है कि किसी को शारीरिक या मानसिक दुख न पहुँचाना अहिंसा है। मन, वचन और कर्म से किसी की हिंसा न करना अ...
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स्वास्थ्य के सुनहरे सूत्र (स्वास्थ्य सूत्र) ...
स्वास्थ्य के सुनहरे सूत्र स्वास्थ्य के सुनहरे सूत्र डॉ.सरोज कोठारी ND ND शारीरिक स्वास्थ्य के सूत्र * प्रातः सूर्योदय के पहले उठें। * नियमित व्यायाम करें।... प्रातःकालीन भ्रमण, योग एवं ध्यान भी स्वास्थ्यवर्धक है। * नियमित जीवनशैली अपनाएँ। प्रत्येक कार्य समय पर करें। * प्रतिदिन प्रातःकाल स्नान से तन-मन स्वस्थ...
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चैत्य-वंदन की शुरुआत ...
पर अंजलि रचाकर निम्न सूत्र बोलें- ' जावंति चेइयाइं' सूत्र जावंति चेइयाइं उड्ढे अ अहे अ तिरिअलोए अ । सव्वाइं ताइं वंदे, इह संतो तत्थ संताइं ॥ यहाँ पर बैठे-बैठे... ही) सिर झुकाकर खमासमण सूत्र बोलकर खमासमण दें। फिर निम्न दो सूत्र बोलें- ' जावंत केवि' सूत्र जावंत केवि साहू भरहेरवय-महाविदेहे अ । सव्वेसिं तेंसि पणओ,...
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