विभा आनंद के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
मुझे पहला वेतन 1500 रु. मिला था : विभा आनंद ...
करने के एवज में 1500 रुपए मिले थे। इसे ही वे अपना पहला वेतन मानती हैं। हालाँकि यह विज्ञापन उन्होंने बहुत पहले किया था और किसी कारणवश दूरदर्शन पर आ भी नहीं सका था। विभा कहती हैं ‘मुझे इसका कोई मला...
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सुगुना शादी कर रही हैं! ...
17 वर्ष है। तो क्या सुगुना रीयल लाइफ में बालिका वधू बन रही हैं? जी नहीं सुगुना रील लाइफ में श्याम से शादी करने वाली हैं। सुगुना का किरदार निभाने वाली विभा आनंद से जब इस बारे में पूछा ‍गया तो उन्ह...
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गुप्ता हत्याकांड, विभा के घर की कुर्की ...
औरैया में लोक निर्माण विभाग के अभियंता मनोजकुमार गुप्ता हत्याकांड के मुख्य आरोपी बहुजन समाज पार्टी विधायक शेखर तिवारी की पत्नी विभा तिवारी का घर रविवार... शेखर तिवारी की पत्नी विभा तिवारी का घर रविवार को कुर्क कर लिया गया। पुलिस के अनुसार विभा तिवारी पर सबूत मिटाने का आरोप है। अदालत में आत्मसमर्पण के प्रार्थना-पत्र...
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फिर क्या हुआ? ...
विभा- सुमन, एक बार मैंने हाथी की सूँड और शेर की टाँग तोड़ दी। सुमन- फिर क्या हुआ? विभा- होना क्या था, दुकानदार ने कान पकड़ कर बाहर निकाल दिया।...
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तुम आती हो ...
का निर्झर, तुम आती हो, आनंद शिखर प्राणों में ज्वार उठाती हो ! स्वर्णिम प्रकाश में गलता तम, स्वर्गिक प्रतीति में धलता भ्रम, तुम आती हो, जीवन पथ पर सौन्दर्य... हो ! साभार : स्वर्ग विभा...
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दिव्यालोक ...
का उपन्यास साहित्य/आनंदप्रकाश त्रिपाठी कविताएँ अंबिकाप्रसाद दिव्य, शिवकुमार श्रीवास्तव, रमाकांत, प्रेमशंकर रघुवंशी, गंभीर सिंह पालनी, अजीत चौधरी, त्रिलोक... अग्रवाल, विजयलक्ष्मी विभा, मदनमोहन परिहार, सदा अम्बालवी, चरनजीत सिंह 'सागर' कहानियाँ मामला बढ़ेगा/चित्रा मुद्गल स्पर्श/प्रभा माथुर परोक्ष : अपरोक्ष/भगवान...
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कामकाजी महिलाओं का 'सपोर्ट सिस्टम' ...
पंडित लंच टाइम में विभा को चुप-चुप-सा देखकर सभी ने उसकी उदासी का कारण पूछा। विभा के घर में उसकी नौकरी को लेकर तनातनी चलती रहती थी। सास नहीं चाहती थी कि... सास नहीं चाहती थी कि विभा नौकरी करे, मगर विभा अपनी योग्यता और अनुभव को यूँ ही नहीं बेकार जाने नहीं देना चाहती थी। सभी महिलाओं ने उसकी समस्या को सुना,...
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उनकी हस्ती क्या मिटेगी ...
चट्टान से। हर घड़ी हर सोच अपनी काम अपने काम से जीत गए जंग वे सिपाही जो रहे अनजान से। संकल्प की लाठी उठाओ ऐसे साँपों के खिलाफ लगते हैं जो देखने में हर तरह इंसान से। बाप की दौलत पर ऐश करने को तो खूब कर ...
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एक लड़की साधारण सी ...
निगाहों से एक बार तो हाँ कहकर देखो कोई कोर कसर नहीं रखूँगी तुम्हारी जिन्दगी सँवारने में पर सब बेकार कोई उसके रंग को निहारता तो कोई लम्बाई मापता कोई उसे चलकर दिखाने को कहता कोई साड़ी और सूट पहनकर बुलात...
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आँखों के कोरों में ...
दिन का ठिठुरना रात का पिघलना आँखों के कोरों में हँसी का दर्द शब्दों की गर्द आँखों के कोरों में मेरा सिमटना तुम्हारा विस्तृत होना आँखों के कोरों में चाहत की दहक स्पर्श की महक आँखों के कोरों में जीवन की गूंज आँसू की बूँद आँखों के कोरों में साभार : स्वर्ग विभा...
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