विभूतिपाद के लिए खोज परिणाम ( 1-4 )
पातंजलि का योगसूत्र ...
(2) साधनापाद (3) विभूतिपाद (4) कैवल्यपाद। (1)समाधिपाद : योगसूत्र के प्रथम अध्याय 'समाधिपाद' में पातंजली ने योग की परिभाषा इस प्रकार दी है- 'योगश्चितवृत्तिर्निरोध'-... बताया गया है। (3)विभूतिपाद : योग सूत्र के अध्याय तीन 'विभूतिपाद' में धारणा, ध्यान और समाधि के संयम और सिद्धियों का वर्णन कर कहा गया है कि साधक को भूलकर...
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सिद्धि एवं चमत्कार ...
महर्षि पतंजलि के विभूतिपाद में सिद्धियों का वर्णन पढ़ने को मिलता है, सिद्धि प्राप्त होना अर्थात साधना को कसौटी पर उतारना है, साधना के गहन प्रभाव का परिणाम सिद्धि होता है।...
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भारतीय दर्शन और योग ...
दर्शन है। इसके अनुसार विश्व प्रपंच के प्रकृति और पुरुष दो मूल तत्व हैं। पुरुष चेतन तत्व है और प्रकृति जड़। इसके अनुसार जगत का उपादान तत्व प्रकृति है। सत्व, रज और तम आदि तीन गुण उसके अभिन्न अंग हैं। जब...
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भारतीय दर्शन और योग ...
की है। वे जानते थे कि मानव की सबसे बड़ी इच्छा दुख से छुटकारा है। वे इसके प्रति भी आश्वस्त थे कि इन सिद्धांतों के जरिये उन्होंने इसका निदान खोज लिया है। आइए देखें, ये दार्शनिक सिद्धांत क्या हैं और उनके...
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