षट्कर्म के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
जानें धौती कर्म को ...
जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। इस बार जानें धौती...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0907/06/1090706031_1.htm - 3156.00kb
कपालभाती प्राणायाम ...
कपालभाती प्राणायाम को हठयोग के षट्कर्म क्रियाओं के अंतर्गत लिया गया है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। इस बार जानें धौती कर्म को।...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0907/16/1090716055_1.htm - 2252.00kb
योग के आयाम ...
योग के अन्य मार्ग से स्वास्थ्‍य, साधना या मोक्ष लाभ लेना चाहे तो ले सकता है। योग के आमतौर पर छह प्रकार माने गए है। (1) राजयोग, (2) हठयोग, (3) लययोग, (4) ज्ञानयोग, (5) कर्मयोग और (6) भक्तियोग। जिस क्र...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0901/28/1090128110_1.htm - 3194.00kb
इसे 'पावर योगा' न कहें ...
लगे रहना। सात हठ : षट्कर्मासनमुद्रा: प्रत्याहारश्च प्राणसंयाम:। ध्यानसमाधी सप्तैवांगनि स्युर्हठस्य योगस्य।।- षट्कर्म, आसन, मुद्रा, प्राणायम, प्रत्याहार,... स्युर्हठस्य योगस्य।।- षट्कर्म, आसन, मुद्रा, प्राणायम, प्रत्याहार, ध्यान और समाधि- ये हठयोग के सात अंग है।- हठयोगप्रदिपिका हठयोगी का जोर आसन, बंध, मुद्रा...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0810/28/1081028029_1.htm - 4210.00kb
त्राटक और नेती क्रिया ...
जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। सर्वप्रथम जानें त...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0906/24/1090624037_1.htm - 3506.00kb
बस्ती और नौली क्रिया ...
जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त होता सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। इस बार जानें बस्त...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0907/09/1090709021_1.htm - 3652.00kb
षट्‍कर्म अथवा शुद्धिकारक क्रियाएँ ...
जिन्हें षट्‍कर्म कहा जाता है। शरीरिक शुद्धि के बिना आसन-प्राणायाम का पूर्ण लाभ नहीं प्राप्त हो सकता है। ये क्रियाएँ हैं:- 1. त्राटक 2. नेती. 3. कपाल भाती 4. धौती 5. बस्ती 6. नौली। शरीर जीवात्मा का घर...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0906/18/1090618024_1.htm - 4504.00kb
आयुर्वेद एवं जलनेती ...
दुःख आयु के लिए पथ्य, अपथ्य एवं आयु के स्वरूप का वर्णन प्राप्त हो उसे आयुर्वेद कहा जाता है। महर्षि पतंजलि के अनुसार 'योगश्चितवृत्ति निरोध्:' अर्थात चित्त की वृत्ति को रोकना ही योग है। आचार्य चरक के म...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/article/0904/08/1090408023_1.htm - 7212.00kb
आजचा 'पॉवर योगा', कालचा 'हठयोग' ...
पिच्छा पुरवणे. सात हठ- षट्कर्मासनमुद्रा: प्रत्याहारश्च प्राणसंयाम:। ध्यानसमाधी सप्तैवांगनि स्युर्हठस्य योगस्य।।- षट्कर्म, आसन, मुद्रा, प्राणायम, प्रत्याहार,... स्युर्हठस्य योगस्य।।- षट्कर्म, आसन, मुद्रा, प्राणायम, प्रत्याहार, ध्यान व समाधी ही हठयोगाची सात अंगे आहेत. हठयोगाचा जोर आसन, बंध, मुद्रा व प्राणायामावर...
marathi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/articles/0811/13/1081113012_1.... - 35.79kb
योगाचे प्रकार ...
WD अष्टांग योगामध्ये योगाचे विविध प्रकार सांगितले आहेत. मात्र काही योग प्रकारांचा आरोग्य, साधना किंवा मोक्ष प्राप्त करण्‍यासाठीही केला जाऊ शकतो. योगाचे सहा प्रकार मानले जातात. राजयोग (2) हठयोग (3) लय...
marathi.webdunia.com/miscellaneous/yoga/articles/0902/03/1090203051_1.... - 0.00kb