सिक्ख धर्म के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
विश्व प्रसिद्ध पवित्र स्वर्ण मंदिर ...
सभी पाठकों को हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित करता है। इस शुभ अवसर पर हम आपके लिए लाए हैं अमृतसर का स्वर्ण मंदिर। अमृतसर... एक शहर का नाम, जिसकी पहचान है वहाँ के स्वर्ण मंदिर से। सुनहरी आभा लिए इस मंदिर क...
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गुरु अरजन देव : शहीदों के सरताज ...
गुरु अरजन देव साहिब सिक्खों के पाँचवे गुरुजी है। एक बार बादशाह जहाँगीर का चंदू दिवान आपसे आपके बेटे श्री गुरु हरगोबिन्द साहिब जी का रिश्ता लेने के लिए... थे,इसलिए उन के पास हर धर्म के लोग आते थे और श्रद्धा से उनके आगे शीश झुकाते थे। गुरु जी के प्रति लोगों की बढ़ती हुई श्रद्धा जहाँगीर से बर्दाश्त नहीं हो...
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सेवा के सही मायने ...
सेवा करी है और हमेशा सेवा करने का आदेश दिया है। गुरु घर के सेवादारों में एक प्रमुख सेवादार थे भाई घनैया जी। भाई घनैया जी गुरु गोबिंद सिंघ जी के दरबार में सेवा करते थे। भाई घनैया जी बहुत निर्मल स्वभ...
hindi.webdunia.com/religion/religion/sikhism/0905/27/1090527012_1.htm - 3576.00kb
खरा सौदा ...
बेटा बाजार जाकर खरा सौदा लेकर आना। गुरुजी अपने पिता की आज्ञा मानते हुए 20 रुपए लेकर शहर चले गए। उस समय 20 रुपए की कीमत काफी होती थी। उनके साथ एक साथी भी था। राह में गुरुजी को कुछ साधु मिले। उन्होंने ...
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धन्य हो गुरु नानक! ...
वो एक गाँव के बाहर जाकर रुक गए। गुरुजी के साथ उनका एक सिक्ख भाई मरदाना भी था। मरदाना ने गुरुजी से विनती की, 'महाराज बहुत जोर से भूख लगी है आप कहे तो गाँव में जाकर खाने के लिए कुछ ले आऊँ।' गुरुजी ने क...
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भगत की छपरी ...
गए, उनके साथ उनके प्रिय सिक्ख भाई मरदाना भी थे। उस गाँव में एक गरीब आदमी रहता था। उसने जब गुरुजी के दर्शन करें तो गुरुजी को विनती की कि आप मेरे साथ मेरे... गुरुजी से पूछा- कि उस सिक्ख ने अपनी इतनी सेवा की, पर आपने उसके घर का सारा समान तोड़ दिया आपने ऐसा क्यों किया? मुझे भी समझाइए...। श्री गुरु नानक देव जी...
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मेहरबान साहिब मेरा मेहरबान ...
देखा वहाँ एक झोपड़ी बनी हुई थी। उस झोपड़े में एक आदमी रहता था, जिसे कुष्‍ठ का रोग था। गाँव के सारे लोग उससे नफरत करते थे कोई उसके पास नहीं आता था। कभी किसी को दया आ जाती तो उसे खाने के लिए कुछ दे देते।...
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गुरु नानक देव और नवाब ...
से कहा- आप कहते है ना! ना कोई हिन्दु और ना मुसलमान...! सब कुदरत के बन्दे हैं। अगर आप यही मानते है कि ईश्वर एक ही है तो आज आप हमारे साथ चल कर नमाज़ पढि़ए। गुरुजी ने कहा- ठीक है, मैं आपके साथ चलता हूँ। ...
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गुरु अरजनदेवजी: सर्वधर्म के पैरोकार ...
छाबड़ा शिरोमणि शहीद, सर्वधर्म समभाव के प्रखर पैरोकार श्री गुरु अरजनदेवजी धार्मिक गुरु मात्र न होकर मानवीय आदर्शों को कायम रखने के लिए आत्मबलिदान करने वाली... 15 अप्रैल 1563 को सिख धर्म के चौथे गुरु, गुरु रामदासजी व माता भानीजी के घर गोइंदवाल (अमृतसर) में हुआ। गुरु अरजनदेवजी की निर्मल प्रवृत्ति, सहृदयता, कर्तव्यनिष्ठता...
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नानक ने दिया था हिन्दू-मुस्लिम एकता का संदेश ...
नानक जयंती पर विशेष सिख धर्म के प्रथम गुरु नानक देव ने जीवन भर हिन्दू और मुस्लिम धर्म की एकता का संदेश दिया और यातायात के बेहद कम साधनों वाले उस दौर में... सार्वभौम है इसलिए हर धर्म, पंथ और संप्रदाय का व्यक्ति इससे जुड़ाव महसूस करता है। गुरू नानक की शिक्षाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल आध्यात्मिक...
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