दक्षिणमुखी भवन के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
देवालय कैसा हो? ...
कमरे में रखें जहाँ शयन न करते हों। देवालय बनाते समय व पूजा करते समय निम्न बातों का ध्यान रखें :- * देवालय मंदिर या गुंबद के आकार का न बनाकर ऊपर से चपटा बनवाएँ। * देवालय जहाँ तक हो सके ईशान कोण में रख...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/vastushastra/0905/08/1090508047_... - 2318.00kb
कर्ज चुकाने के आसान उपाय-2 ...
दर्पण गहराई दर्शाता है, जो धन के विनाश का सूचक होता है। फर्श पर मोटी दरी, कालीन आदि बिछाकर कर्ज व दिवालिएपन से बचा जा सकता है। दरवाजे उत्तर-पूर्व दिशा में होने चाहिए। पश्चिमी-दक्षिणी भाग में फर्श पर ...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/vastushastra/0906/14/1090614058_... - 4376.00kb
दक्षिणमुखी भवन और वास्तु ...
के बारे में जानकारी रखने वाले लोगों के दिलोदिमाग में भी यह बात गहराई तक समाई हुई है कि दक्षिणमुखी मकान में निवास करके कभी सुखी नहीं रह सकते हैं। इस भय के कारण भारत में कई दक्षिणमुखी प्लॉट लंबे समय तक...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/vastushastra/0811/22/1081122015_... - 29.45kb
सूर्य प्रकाश से बने घर ऊर्जावान ...
जाता है। हम जहाँ रहते है, वहाँ प्रकाश का महत्व अधिक होता है। अंधेरे कमरे में या जहाँ सूर्य की रोशनी नहीं आती है, उस घर में कीड़े-मकोड़े व सीलन अधिक रहेगी। वहाँ पर रहने वाले व्यक्तियों के स्वास्थ्य पर ...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/vastushastra/0910/08/1091008077_... - 3936.00kb
जुँड़वा घरों के लिए वास्तु ...
आवासों या डुपलैक्स भवनों का प्रचलन है। कोलोनाइजर्स द्वारा एक ही भूखंड में दो या दो से अधिक आवासीय भवन बना दिये जाते हैं। इस भूखंड के सभी भवनों के लिए... हैं। इस भूखंड के सभी भवनों के लिए नलकूप,सेप्टिक टैंक, भूमिगत पानी की टंकी, चारदीवारी आदि साझा होते हैं। जुड़वाँ भवन खरीदने वालों को साझी बातों से उत्पन्न...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/woman/interior/0907/08/1090708093_1.h... - 2324.00kb
वास्तुदोष दूर करने के उपाय ...
यानी वायव्य कोण में या दक्षिण-पश्चिमी दिशा यानी नैऋत्य कोण में कुँआ, ट्यूबवैल आदि हो तो उसको भरवाकर भवन के उत्तर-पूर्व दिशा अर्थात्‌ ईशान कोण में पुनः खुदवा दें। भूखंड सिंह मुखाकार है तो जिस ओर भवन...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/woman/interior/0909/23/1090923060_1.h... - 974.00kb
वास्तु दोष और ‍उसका निवारण ...
की ओर विस्तृत हो तथा भवन का निर्माण उत्तरी भाग में हुआ हो तथा भूखंड का दक्षिणी भाग खाली पड़ा हो तो वास्तु में यह स्थिति अत्यंत दोषपूर्ण होती है। इस दोषपूर्ण... से बचने के लिए भवन के दक्षिण-पश्चिम कोण यानी नैऋत्य कोण में एक आउट हाउस को मुख्य भवन से ऊँचा बनवाएँ और उसके फर्श को भी भवन के फर्श से ऊँचा रखें। आउट हाउस...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/woman/interior/0910/16/1091016067_1.h... - 1146.00kb
आसान है वास्तुदोष दूर करना ...
यानी वायव्य कोण में या दक्षिण-पश्चिमी दिशा यानी नैऋत्य कोण में कुँआ, ट्यूबवैल आदि हो तो उसको भरवाकर भवन के उत्तर-पूर्व दिशा अर्थात्‌ ईशान कोण में पुनः खुदवा दें। यदि आपका भूखंड सिंह मुखाकार है तो जिस...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/woman/interior/0910/23/1091023058_1.h... - 994.00kb
भवन की ऊँचाई और दिशा ...
प्रभाव डालता है। ऐसे भवन में भूस्वामी को धन-सम्पत्ति तथा समृद्धि की प्राप्ति होती है तथा भूस्वामी का आरोग्य बढ़ता है। परिवार के अन्य सभी सदस्यों का स्वास्थ्य भी अच्छा बना रहता है। भवन ईशान कोण में ऊँच...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/woman/interior/0909/30/1090930039_1.h... - 808.00kb
वास्तु दोष करें दूर ...
होती है। * किसी भी भवन का तीन राहों पर होना अशुभ होता है। इस दोष के लिए चारों दीवारों पर दर्पण होना चाहिए। * यदि कोई अधिक समय से बीमार है तो नैऋत्य कोण... व बाहर की ओर गणपति अथवा दक्षिणमुखी द्वार पर हनुमानजी की तस्वीर अथवा भैरव यंत्र लगाकर लाभ लिया जा सकता है। इनको लगाने से ऊपरी हवा से बचा जा सकता है। *...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/vastushastra/0904/08/1090408061_... - 3278.00kb