मिथुन लग्न के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
मिथुन राशि वालों के लिए सलाह ...
ग्रह चंद्र, बुध और शुक्र माने गए हैं। वायु तत्व प्रधान मिथुन राशि का स्वामी बुध है। भाग द्विस्वभाव है और मिथुन लग्न की बाधक राशि सिंह तथा बाधक ग्रह सूर्य है। लेकिन लाल किताब अनुसार शत्रु और मित्र ग्र...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/raashi/0911/17/1091117013_1.htm - 2716.00kb
जब लग्न में राहु हो ...
में जन्म लेकर कम शिक्षा पाकर भी उच्च स्थान पर आसीन हो जाता है। ऐसे जातक अति साहसी, उच्चाकाँक्षी, अभिमानी और किसी की परवाह न करने वाले होते हैं। लग्न में उच्च का राहु (वृषभ का) जीवन के उत्तरार्द्ध में...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0911/19/1091119027_1.htm - 1780.00kb - 3 दिन पहले
राहु का राशि परिवर्तन आज... ...
रहे है। ये तीन ग्रह हैं शनि, गुरु और राहु। इनका राशि परिवर्तन सरकार के लिए परेशानी का कारण बनेगा। सरकार मूक बनी नजर आएगी। शनि कन्या राशि में आ चुका है, गुरु 20 दिसम्बर को रात्रि 3 बजे आएगा वहीं राहु ...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0911/03/1091103026_1.htm - 9258.00kb
मिथुन लग्न की विशेषताएँ ...
का लग्न है अत: इस लग्न के व्यक्ति बुद्धिमान, मिलनसार और वाचाल होते हैं। शुभ ग्रह : लग्न और चतुर्थ का स्वामी होकर बुध शुभतायुक्त है। शुक्र पंचमेश होकर अति शुभ है। शनि भी नवमेश होकर शुभ हो जाता है। इ...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0902/17/109021702... - 1808.00kb
ग्रेसी सिंह : सफलता संघर्ष के बाद ...
जन्म 20 जुलाई 1978 को मिथुन लग्न व तुला नवांश में हुआ, मिथुन लग्न द्विस्वभाव लग्न है। मिथुन लग्न में जन्म होने के कारण आपका कद सामान्य, शरीर दुबला-पतला... उत्तम होगी, चूँकि मिथुन लग्न वाले जातक परिश्रमी होते हैं अतः आप अपनी लगन व विश्वास से कार्य करेंगी तो सफल अवश्य होंगी। पंचम भाव मनोरंजन का है व चतुर्थ...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/sitaron_ke_sitarey/0708/08/10708... - 37.14kb
विभिन्न लग्नों के लिए राजयोग कारक ग्रह ...
को धन, यश, मान, प्रतिष्ठा सारे सुख देते हैं। विभिन्न लग्नों के लिए राजयोगकारी ग्रह निम्न हैं। 1. मेष लग्न के लिए गुरु राजयोग कारक होता है। 2. वृषभ और तुला लग्न के लिए शनि राजयोग कारक होता है। 3. कर्क...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0905/07/1090507070_1.htm - 1514.00kb
Know what stars says about you ...
में प्रवेश किया। इस समय मिथुन लग्न का उदय हुआ। भारत की स्वतंत्रता दिवस की कुंडली वृषभ लग्न की है। इस लग्न में मकर राशि नवम भाव में आती है। नवम भाव व दशम... में प्रवेश किया। इस समय मिथुन लग्न का उदय हुआ। भारत की स्वतंत्रता दिवस की कुंडली वृषभ लग्न की है। इस लग्न में मकर राशि नवम भाव में आती है। नवम भाव व दशम...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0805/05/1080505022_1.htm - 51.56kb
मिथुन लग्न में जीवनसाथी का तय गुरु करेगा ...
जिनका मिथुन लग्न है उनके लिए जीवन साथी हेतु सप्तम भाव के स्वामी गुरु की स्थिति को जानना होगा। चाहे पुरुष हो या स्त्री दोनों के लिए ही सप्तम भाव के स्वामी व दाम्पत्य का कारक शुक्र व सप्तमेश पर पड़ने वाले ग्रहों की दृष्टि सप्तम भाव में बैठे ग्रह व सप्तमेश की स्थिति का अकलन भी आवश्यक है।...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0905/27/109052701... - 3522.00kb
मिथुन लग्न बनाता है सफल व्यापारी यदि... ...
मिथुन लग्न बुध प्रधान लग्न है। इसमें दो केंद्रों का स्वामी बुध व दो केंद्रों का स्वामी गुरु होता है। चारों केंद्रों पर बुध-गुरु का अधिकार है। इन दो ग्रहों के साथ-साथ सूर्य तृतीयेश पराक्रम, मित्र, भाई...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/article/0809/22/1080922053_1.htm - 42.90kb
षष्‍टम का सूर्य शत्रु नाशक ...
कारण हुए भी तो उस जातक का कुछ बिगाड़ नहीं पाएँगे। विद्या व सं‍तान के मामलों में बाधा का कारण भी बनता है। * मेष लग्न में षष्टम भाव का सूर्य पंचमेश होकर मित्र बुध की कन्या राशि में होगा। * वृषभ लग्न मे...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0906/09/1090609073_1.htm - 4000.00kb