राजयोग के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
विभिन्न लग्नों के लिए राजयोग कारक ग्रह ...
विभिन्न लग्नों के लिए राजयोगकारी ग्रह निम्न हैं। 1. मेष लग्न के लिए गुरु राजयोग कारक होता है। 2. वृषभ और तुला लग्न के लिए शनि राजयोग कारक होता है। 3.... और तुला लग्न के लिए शनि राजयोग कारक होता है। 3. कर्क लग्न और सिंह लग्न के लिए मंगल राजयोग कारक होता है।...
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ओबामा के प्रबल राजयोग ...
ओबामा के प्रबल राजयोग ओबामा के प्रबल राजयोग स्मृति जोशी 1961 वर्ष 2009 की सबसे चमकदार खबर होगी कि बराक ओबामा और जॉन मैक्केन में से अमेरिका के सर्वोच्च... कुंडली में ऐसे जगमगाते राजयोग मौजूद हैं जो कि इस पद को हासिल करने में पर्याप्त सहयोगी और असरकारक हैं। न सिर्फ बुधादित्य बल्कि गजकेसरी, विपरीत राजयोग,...
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ग्रहों ने दिलाया नीरज को राजयोग ...
नीरज कहते हैं- उन्हें राजयोग मिला, उसके पीछे उनकी साहित्य साधना के अलावा कुंडली में बैठे शनि ग्रह का भी महत्वपूर्ण प्रभाव रहा। मकर संक्रांति का दिन हो... बताया कि उन्हें राजयोग शनि ग्रह के कारण ही मिला। उनकी कुंडली में शनि की दृष्टि राहु पर प़ड़ने से यह विशेष योग बना है। नीरजजी ने बताया कि ज्योतिष गणना में...
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योग के आयाम ...
प्रकार माने गए है। (1) राजयोग, (2) हठयोग, (3) लययोग, (4) ज्ञानयोग, (5) कर्मयोग और (6) भक्तियोग। जिस क्रम में इन्हें लिखा गया है उसी क्रम में उनका दर्जा... और महत्व भी है। (1) राजयोग : यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि यह पतंजलि के राजयोग के आठ अंग हैं। इन्हें अष्टांग योग भी कहा जाता...
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गुरु से बनने वाले मुख्य राजयोग ...
गुरु से बनने वाले मुख्य राजयोग श्री मत ी मृदुला दिशोरिया WD WD देवताओं के गुरु बृहस्पति माने जाते हैं। यह जन्म कुण्डली में विभिन्न भावों में, विभिन्न... हो तो कई महत्वपूर्ण राजयोग का निर्माण करता है एवं भिन्नभिन्न प्रकार के राजयोग बनते हैं। यहाँ पर गुरु से बनने वाले मुख्य राजयोग दिए जा रहे हैं। * मेष लग्न...
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बिल गेट्स ...
दृष्टि, भाग्य से प्रबल राजयोग का निर्माण। - दशम भाव में उच्च के बुध की स्थिति सफल व्यापारी होने का स्पष्ट संकेत। - उच्चस्थ बुध के साथ मंगल की दशम भाव... बैठना एक प्रबल विपरीत राजयोग का निर्माण है जो कि शुक्र की महादशा में फलित हुआ। - चन्द्र, मंगल का समसप्तम दृष्टि संबंध जो प्रबल लक्ष्मी योग का निर्माण...
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Know what stars says about you ...
लग्न पर दृष्टि एक उत्तम राजयोग का सृजन करती है, साथ ही जिस भाव से संबंधित ग्रह होता है उससे संबंधित परिवर्तन देखने को मिलता है। सामान्य स्थिति में जन्मे... में गया अतः यहाँ विपरीत राजयोग का निर्माण हुआ। तीसरे, छठे, ग्यारहवें स्थानों के स्वामी इन्हीं स्थानों पर बैठे हैं तथा इन पर पाप ग्रहों की दृष्टि हो तो...
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जब सूर्य हो अष्टम भाव में ...
जाता है। यहाँ से पूर्व जन्म का लेखाजोखा भी देखा जाता है। इस भाव से जलीय यात्रा का भी विचार किया जाता है। इस भाव में स्वक्षेत्री सूर्य बैठे तो उसको स्वछंद बना देता है। ऐसा सूर्य स्त्री के लिए ठीक नहीं...
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जसवंत सिंह को देगा बाधा कालसर्प योग ...
भाव में हो तो विपरीत राजयोग देता है। और यही कारण है कि आपने विदेशमंत्री बनकर राज सुख पाया। वैसे आपकी पत्रिका में केदारयोग, गजकेसरी योग, नीचभंग राजयोग... गजकेसरी योग, नीचभंग राजयोग व दुरधारायोग भी बनता है जो शुभ फलदायी है। आपके लिए गोचर ग्रहों से देखा जाए तो अभी काफी सावधानी रखनी होगी, शनि का भ्रमण सूर्य...
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पातंजलि का योगसूत्र ...
केटेग्राइजेशन है। राजयोग : पातंजलि की इस अतुल्य नीधि को मूलत: राजयोग कहा जाता है। इस पर अनेक टिकाएँ एवं भाष्य लिखे जा चुके है। इस ‍ग्रंथ का महत्व इसलिए... इस अतुल्य नीधि को मूलत: राजयोग कहा जाता है। इस पर अनेक टिकाएँ एवं भाष्य लिखे जा चुके है। इस ‍ग्रंथ का महत्व इसलिए अधिक है क्योंकि इसमें हठयोग सहित योग...
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