लग्न कुंडली के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
जब लग्न में राहु हो ...
में जन्म लेकर कम शिक्षा पाकर भी उच्च स्थान पर आसीन हो जाता है। ऐसे जातक अति साहसी, उच्चाकाँक्षी, अभिमानी और किसी की परवाह न करने वाले होते हैं। लग्न में उच्च का राहु (वृषभ का) जीवन के उत्तरार्द्ध में...
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विभिन्न लग्नों के लिए राजयोग कारक ग्रह ...
को धन, यश, मान, प्रतिष्ठा सारे सुख देते हैं। विभिन्न लग्नों के लिए राजयोगकारी ग्रह निम्न हैं। 1. मेष लग्न के लिए गुरु राजयोग कारक होता है। 2. वृषभ और तुला लग्न के लिए शनि राजयोग कारक होता है। 3. ...
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मेष लग्न की विशेषताएँ ...
राशि उदित होती है, उसे ही उसके लग्न की संज्ञा दी जाती है। कुंडली के प्रथम भाव को लग्न कहते हैं। प्रत्येक लग्न के लिए कुछ ग्रह शुभ होते हैं, कुछ अशुभ। आज हम मेष लग्न की चर्चा करेंगे। यदि लग्न भाव में...
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किन ग्रहों के रत्न पहने जाएँ ...
जा सकते हैं जो ग्रह शुभ भावों के स्वामी होकर पाप प्रभाव में हो, अस्त हो या श‍त्रु क्षेत्री हो उन्हें प्रबल बनाने के लिए भी उनके रत्न पहनना प्रभाव देता है। रत्न पहनने के लिए दशा-महादशाओं का अध्ययन भी...
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राहु का द्वादश भावों में फल ...
विजय, यश, सम्मान, कीर्ति के साथ अपयश, अपव्यय, विनाशकारी बुद्धि, कीर्ति का ह्रास इस प्रकार दोनों तरह के फल देते हैं। यह सब निर्भर करता है ग्रह जातक की लग्न कुंडली में किस भाव में बैठा है। जानिए राहु क...
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मोती कब पहनें ...
तक का कारक बन सकता है। लग्न कुंडली में चंद्रमा शुभ स्थानों का स्थायी हो मगर, 1. 6, 8, या 12 भाव में चंद्रमा हो तो मोती पहनें। 2. नीच राशि (वृश्चिक) में... है। विशेष : यदि चंद्रमा लग्न कुंडली में अशुभ होकर शुभ स्थानों को प्रभावित कर रहा हो तो ऐसी स्थिति में मोती धारण न करें। बल्कि सफेद वस्तु का दान करें,...
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Know what stars says about you ...
चरण में मेष एवं अंतिम चरण में मीन आता है। पूर्वा भाद्रपद के अंतिम चरण से रेवती नक्षत्र के अंतिम चरण तक मीन राशि विद्यमान रहती है। इस राशि का स्वामी गुरु है। इस लग्न में जन्म लेने वाला जातक लग्न का स्...
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बिल गेट्स ...
में यह स्वराशि का होकर पंचम में होने से और भी शुभ फल प्रदान कर रहा है। यह दशा सन्‌ 1989 से आरम्भ हुई है तथा सन्‌ 2009 तक रहेगी। इस अवधि में आप और भी अधिक सफलता प्राप्त कर सकते हैं। कुण्डली की विशेषता...
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जन्म कुंडली आधारित मुहूर्त निर्धारण ...
- पं. विजय रावल जन्म कुंडली पर आधारित एक दिन के अनुष्ठान के लिए ध्यान रखने योग्य 'वैदिक विज्ञान' के नियम-संयम हैं जिनसे पता चलता है कि इतने भव्य यज्ञ-अनुष्ठानों... रखा जाना चाहिए। - जन्म कुंडली में उपस्थित लग्न, राशि नक्षत्र पर आधारित मुहूर्त निर्धारण। - चंद्रमा में 100 लग्न में हजार गुण होते हैं और लग्न में हजार...
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> > > कुंडली में छुपा है रोग-मृत्यु का रहस्य - माँगीलाल सोलंकी ND राहु भी शनिवत होता है और स्नायु का प्रतिनिधित्व करता है। स्पष्ट है कि ग्रहों की सारी... सारी स्थितियाँ इस जन्म कुंडली में उसकी बहन का स्नायविक रोग और उससे उसकी मृत्यु को दर्शाता है। इसी भाँति प्रत्येक कुंडली का विश्लेषण करके उसके रोग व उसकी...
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