शनि के लिए खोज परिणाम ( 1-10 )
जब लग्न में शनि हो ...
लग्न में शनि होने की स्थिति में लग्न का, शनि के बलाबल का और उस पर ग्रहों की दृष्टि का अध्ययन करना आवश्यक हो जाता है। सामान्यत: लग्न का शनि अच्छा नहीं माना... है। सामान्यत: लग्न का शनि अच्छा नहीं माना जाता। लग्न का शनि जातक को आलसी व हीन मानसिकता का बना देता है। शरीर व बाल खुश्क, रंगत फीकी या कालापन लिए होती...
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शनि की दशा और उपाय ... ...
सौर परिवार का सबसे सुंदर ग्रह शनि है जो अपनी वलयाकार आकृति के कारण अन्य ग्रहों से अलग पहचान बनाए हुए है। यह सूर्य तथा पृथ्वी से सर्वाधिक दूरी वाला ग्रह है तथा धीमी गति से सूर्य की संपूर्ण परिक्रमा लगभग साढ़े 29 वर्षों में पूरी करता है। इसे सूर्य तथा उनकी द्वितीय पत्नी छाया का पुत्र माना गया है।...
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मेष लग्न : तुला राशि पर साढ़ेसाती- 7 ...
लग्न में तुला राशि पर शनि की साढ़ेसाती शनि के कन्या राशि पर आने से प्रथम ढैया लगेगा। शनि इस अवस्था में दशमेश राज्य, पिता, व्यापार, नौकरी, विधायक, मन्त्रीपद,... का भी सहयोग मिलेगा। शनि उच्चाभिलाषी होने से अपने जीवन साथी से भी लाभान्वित होंगे। ...
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मेष लग्न: वृषभ राशि पर साढ़ेसाती-2 ...
है जिससे इस कठिन दौर से गुजरने का बल मिल सके। ऐसी स्थिति में पिता का सहयोग लेकर चलना व पिता की सेवा व आशीर्वाद लाभदायक रहता है। शनि की दूसरी साढ़ेसाती वृषभ पर मित्र राशि पर होने से धन कुटुम्ब का सहयो...
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शनि रत्न नीलम ...
आलेख शनि रत्न नीलम सिंह लग्न : इस लग्न के लिए शनि ग्रह सप्तमेष तथा षष्टेश होकर दो अकारक भावों का स्वामी होता है। अतः इस लग्न के व्यक्ति को नीलम धारण करने... लग्न : इस लग्न के लिए शनि ग्रह पंचम जैसे शुभ तथा षष्ठ जैसे अशुभ भावों का अधिपति होता है। यदि जन्मांक में मंगल, सूर्य जैसे ग्रह शनि की दृष्टि में हों,...
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सद्‍कर्मों से प्रसन्न करें शनि को ...
सूर्य देव के पुत्र शनि बचपन से लेकर युवावस्था तक बहुत क्रोध किया करते थे, लेकिन बाद में इन्हीं को न्याय के सिंहासन पर बैठा दिया गया। शनि मनुष्यों के सद्‍कर्मों... पर बैठा दिया गया। शनि मनुष्यों के सद्‍कर्मों का अच्छा फल देने में कोई कमी नहीं करते, वहीं अगर कर्म बुरे हों तो उनका वही क्रोध सामने आ जाता है। शनि की...
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मेष लग्न: मेष राशि पर साढ़ेसाती-1 ...
में सबसे खूबसूरत ग्रह है न कि बदसूरत, कूबड़ा, लंगड़ा आदि। ऐसी ही बातें इस ग्रह के बारे में कही जाती हैं। शनि का रंग नीला होता है न कि काला। इसकी महादशा उन्नीस वर्ष की होती है। इसकी साढ़ेसाती पूरे साढ...
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Know what stars says about you ...
> > > शनि ग्रह का स्वरूप WD शनैश्चर की शरीर-कान्ति इंद्रनीलमणि के समान है। इनके सिर पर स्वर्णमुकुट, गले में माला तथा शरीर पर नीले रंग के वस्त्र सुशोभित... के वस्त्र सुशोभित हैं। शनि गिद्ध पर सवार रहते हैं। ये हाथों में धनुष, बाण, त्रिशूल और वरमुद्रा धारण करते हैं। शनि के क्रूर होने के कार ण शनि की दृष्टि...
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आत्मशुद्धि कराता है शनि ...
ज्योतिषशास्त्र में शनि का स्थान काफी महत्वपूर्ण है। शनि को ज्योतिष में क्रूरतम ग्रह की संज्ञा मिली है। उसकी चाल भी दूसरों से अलग है और इसकी साढ़ेसाती और... हैं। ऐसी स्थिति में शनि को लेकर कई भ्राँतियाँ भी हैं। कुण्डली में शनि की स्थिति और उसके प्रभावों पर चर्चा के लिए अखिल भारतीय आर्यभट्ट ज्योतिष अनुसंधान...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/article/0911/21/1091121011_1.htm - 1952.00kb - 22 घंटे पहले
मेष लग्न: वृश्चिक राशि पर साढ़ेसाती- 8 ...
में वृश्चिक राशि पर शनि की साढ़ेसाती प्रथम तुला पर शनि के आने से लगेगी। शनि की प्रथम साढ़ेसाती सप्तम भाव से उच्च की होने से अपने जीवन साथी के लिए उत्तम... सफलता मिलेगी। यहाँ से शनि की तृतीय दृष्टि गुरु की राशि धनु पर सम होने से भाग्य में मिले-जुले परिणाम देगी, धर्म कर्म में भी मिलीजुली स्थिति रहेगी।...
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