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शुभाशुभ ग्रह
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संबंधित खोज
शुभाशुभ ग्रह भारती पंडित
मंगल ग्रह ओर चंद्र ग्रह
ग्रह नेपच्यून ग्रह
राहु ग्रह जन्मकुंडली शनि ग्रह तुला
बुध ग्रह ओर शुक्र ग्रह साथ हो तो
तुला लग्न की विशेषताएँ ...
होती है। आशावादी, धैर्यवान होते हैं, आदर्शवादी, सत्यवान, परिवार प्रेमी, सहिष्णुता इनका प्रमुख गुण है। पढ़ने-लिखने के शौकीन होते हैं। उच्च अभिरुचि, कलात्मकता व सबको अपना बना लेने में ये निपुण होते हैं
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0904/03/109040305... - 1830.00kb
धनु लग्न की विशेषताएँ ...
जाता है। यदि लग्न पर पाप
ग्रह
ों का प्रभाव न हो तो ये व्यक्ति प्रेम, सद्भावाना, करुणा, आशावाद, व्यावहारिक व उदारता से परिपूर्ण होते हैं। 'सज्जन' ऐसी इनकी
...
विश्वास रखते हैं। शुभ
ग्रह
: सूर्य नवमेश व मंगल पंचमेश होकर प्रबल कारक होते हैं। सूर्य की प्रबल स्थिति इसे अथाह प्रसिद्धि दिलाती है। इनकी दशा-महादशाएँ
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0904/09/109040908... - 2110.00kb
कन्या लग्न की विशेषता ...
भी देखे जाते हैं। शुभ
ग्रह
: शुक्र धनेश व नवमेश तथा बुध लग्नेश व दशमेश होकर प्रबल कारक बन जाते हैं। इनकी शुभ स्थिति दशा-महादशा में प्रबल सुखकारक होती
...
सुखकारक होती है। यदि ये
ग्रह
अशुभ हों तो इनका उपाय करना चाहिए। अशुभ
ग्रह
: बृहस्पति, चंद्रमा व मंगल इस लग्न के लिए अति अशुभ है। मंगल दशा में मारकेश है
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0903/20/109032002... - 2094.00kb
धनु लग्न की विशेषताएँ ...
जाता है। यदि लग्न पर पाप
ग्रह
ों का प्रभाव न हो तो ये व्यक्ति प्रेम, सद्भावना, करुणा, आशावाद, व्यावहारिक व उदारता से परिपूर्ण होते हैं। 'सज्जन' ऐसी इनकी
...
विश्वास रखते हैं। शुभ
ग्रह
: सूर्य नवमेश व मंगल पंचमेश होकर प्रबल कारक होते हैं। सूर्य की प्रबल स्थिति इसे अथाह प्रसिद्धि दिलाती है। इनकी दशा-महादशाएँ
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0904/11/109041105... - 2108.00kb
सिंह लग्न हेतु
शुभाशुभ
ग्रह
...
आसीन देखे जाते हैं। शुभ
ग्रह
: सूर्य लग्नेश और मंगल भाग्येश और सुखेश बनकर अति शुभ होते हैं। इनकी दशा महादशा उन्नतिकारक होती है अत: कुंडली में इनकी स्थिति
...
आदि करना चाहिए। अशुभ
ग्रह
: बुध, शुक्र और शनि इस लग्न के लिए अशुभ सिद्ध होते हैं। विशेषत: शनि छठे व सातवें भाव का स्वामी होकर अति अशुभ हो जाता है जो मारकेश
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0903/18/109031802... - 2110.00kb
कुंभ लग्न की विशेषताएँ ...
देर से होता है। शुभ
ग्रह
: शुक्र सुखेश व नवमेश होकर तथा शनि लग्नेश होकर शुभ होते हैं। इनकी दशा-महादशा फलकारक होती है। अशुभ
ग्रह
: सूर्य, चंद्रमा, मंगल
...
फलकारक होती है। अशुभ
ग्रह
: सूर्य, चंद्रमा, मंगल और बृहस्पति इस लग्न के लिए अशुभ सिद्ध होते हैं। इनकी दशाएँ हानिकारक होती हैं। अत: सावधानी रखकर उपाय करना
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0905/10/109051006... - 1534.00kb
मकर लग्न की विशेषताएँ ...
देर से ही होता है। शुभ
ग्रह
: शुक्र पंचमेश व दशमेश होकर, शनि लग्नेश व द्वितीयेश होकर तथा बुध नवमेश होकर कारक होते हैं। इनकी दशा-महादशा फलकारक होती है,
...
फलकारक होती है, जब ये
ग्रह
अच्छी स्थिति में हों। अशुभ
ग्रह
: बृहस्पति, मंगल व चंद्रमा इस लग्न के लिए अशुभ सिद्ध होते हैं। इनकी दशा-महादशा कष्टकारी सिद्ध
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0905/05/109050502... - 1724.00kb
गोचर बुध का चंद्रराशि से फल ...
- भगवान पुरोहित बुध
ग्रह
उत्तर दिशा का स्वामी, नपुंसक, त्रिदोष प्रवृत्ति, श्याम वर्ण व पृथ्वी तत्व का है। यह पाप
ग्रह
ों सूर्य, मंगल, शनि, राहु, केतु के
...
रहने पर अशुभ फल और शुभ
ग्रह
ों पूर्ण चंद्रमा, गुरु, शुक्र के साथ रहने पर शुभ फल देता है। बुध
ग्रह
पंचम और दशम स्थान में कारक, चतुर्थ स्थान में निष्फल होता
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0811/18/1081118033_1.htm - 3388.00kb
ज्योतिष : भारत विद्या का विज्ञान ...
कहा गया है अर्थात
ग्रह
और नक्षत्र तेजोमय होने से ज्योतिषी कहा है। ज्योतिष शास्त्र इन
ग्रह
ों और नक्षत्रों के अध्ययन से वेदों के रहस्य को प्रकट करते हैं।
...
देवत्ववाद का प्रभाव
ग्रह
ों पर घटित हुआ है। दो
ग्रह
हर्षल और नेप्च्यून पश्चिम की देन हैं। किंतु डॉ वर्तक (पुणे) के अनुसार ये दो
ग्रह
भी महाभारतकार महर्षि
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/jyotish_sikhey/0706/22/107062207... - 39.42kb
क्यों होता है संतान प्राप्ति में विलंब ...
पंचमेश, पंचम स्थान पर
शुभाशुभ
प्रभाव व बृहस्पति का विचार मुख्यत: किया जाता है। ज्योतिष के अनुसार मेष, मिथुन, सिंह, कन्या ये राशियाँ अल्प प्रसव राशियाँ
...
* पंचम स्थान में पाप
ग्रह
हो तो संतति सुख में बाधा आती है। * पंचमेश यदि 6, 8,12 में हो या 6, 8,12 के स्वामी पंचम में हो तो संतान सुख बाधित होता है। *
...
hindi.webdunia.com/religion/astrology/navgrah/0905/21/1090521015_1.htm - 2142.00kb
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