थरथराता धुआँ तन्हा मीनाकुमारी गज़ल के लिए खोज परिणाम ( 1-2 )
थरथराता रहा धुआँ तन्हा (थरथराता धुआँ तन्हा मीनाकुमारी ...
चाँद तनहा है आस्माँ तन्हा- आस्माँ तन्हा दिल मिला है कहाँ-कहाँ तनहा बुझ गई आस, छुप गया तारा थरथराता रहा धुआँ तन्हा जिन्दगी क्या इसी को कहते हैं जिस्म तनहा है और जाँ तन्हा हमसफर कोई गर मिले भी कहीं दोनों चलते रहे यहाँ तन्हा जलती...
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Chand Tanha hai  by Meena Kumari ...
hO AasamaaM tnha चांद तन्हा है आसमां तन्हा दिल मिला है कहां कहां तन्हा बुझ गई आस छुप गया तारा थरथराता रहा धुआं तन्हा ज़िन्दगी क्या इसी को कहते हैं जिस्म... इसी को कहते हैं जिस्म तन्हा है और जां तन्हा हमसफ़र कोई गर मिले भी कहीं दोनो चलते रहे तन्हा तन्हा जलती बुझती सी रौशनी के परे सिमटा सिमटा सा एक मकां तन्हा...
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