दस्तूर मुताबिक अनंत कविता के लिए खोज परिणाम ( 1-1 )
दस्तूर के मुताबिक (दस्तूर मुताबिक अनंत कविता) ...
डरे हुए लोग- में डरे-डरे आए डरे-डरे रहे और एक-एक कर चलते बने मैं आया उसी बस्ती में लोगों को जगाया और डरने से बचने के लिए मैंने बहुत समझाया, पर डरे हुए लोगों ने मुझे भी बहुत डराया और इतना डराया कि कि मैं उनमें शरी...
hindi.webdunia.com/miscellaneous/literature/poems/0809/19/1080919023_1... - 26.05kb