ब्वॉयफ्रेंड, हसबैंड, इश्क, प्यार, रोमांस, मोहब्बत, के लिए खोज परिणाम ( 1-4 )
पहली नजर का प्यार... ...
क्या मिर्जा गालिब 'इस इश्क के कायदे भी अजब हैं गालिब, करो तो बेहाल हैं, न करो तो बेहाल' जैसा शेर लिखते? आपने कभी गौर किया है कि इस प्रेम, प्यार जैसे शब्दों... किया है कि इस प्रेम, प्यार जैसे शब्दों को लेकर कितने विवाद रहे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि यह तो एक भावना है, जिसका एहसास धीरे-धीरे ही होता है, लेकिन...
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सज़ा की ख़्वाहिश ...
इसकी दी जाए। मंज़र कितना अच्छा होगा मैं सुबह-सवेरे जाग उठा तू नींद की बारिश में भीगा तन्हा होगा रस्ता मेरा तकता होगा मंज़र कितना अच्छा होगा। जागने का लुत्फ़ तेरे होंठों पे मेरे होंठ हाथों के तराजू मे...
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मोहब्बत ने सदा की तो « तख़लीक़-ए-नज़र ...
शायिर ‘नज़र’ की शायिरी का उद्भव [The Creation of Poetry of Poet 'Nazar']- में न लगा जी 1 Dec मोहब्बत ने सदा की तो Posted by विनय in .Tagged: . मेरी ग़ज़ल ख़ुशी हुस्न इश्क़ दर्द बेताब heart love मौसम दिल डर प्यार फ़िज़ा मोहब्बत pain... heart love मौसम दिल डर प्यार फ़िज़ा मोहब्बत pain बहार दुनिया सदा shadow beauty आँसू season moon चार-सू warm tears रूप सहारा mad बेज़ार माह साया sun happiness...
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तू आँचल है एक ख़ूबसूरत-सी मोहब्बत का « तख़लीक़-ए-नज़र ...
शायिर ‘नज़र’ की शायिरी का उद्भव [The Creation of Poetry of Poet 'Nazar']- आँचल है एक ख़ूबसूरत-सी मोहब्बत का Posted by विनय in . मेरी ग़ज़ल Leave a Comment शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’ लेखन वर्ष: २००२ तू मुझसे मोहब्बत करती हो तो... वर्ष: २००२ तू मुझसे मोहब्बत करती हो तो क्या होगा मानूस-सा मौसम इक बार फिर हरा होगा रोज़-रोज़ नये बहाने ढूँढ़ती हो क़रीब आने के गर इज़हार कर दो यह इश्क़ और...
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