रोमांस, इश्क, प्यार, मोहब्बत, लव, Romance, Love, wait, intezaar के लिए खोज परिणाम ( 1-4 )
असहाय सी खोज रही हूँ ...
यथार्थ के 'अलार्म' से उठा दिया अब मेरी उनींदी आँखों में सपनों की खुमारी तो है, पर स्नेह, ममत्व और औदार्य जैसे शब्दों को असहाय सी खोज रही हूँ न वे शब्द मिल रहे हैं और न उनके अर्थ, तुम्हीं कर सकते थे य...
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सावन प्यासा मर जाएगा ...
नहीं देह में और स्वभाव कि भिगो शहद में पुन: डुबोया गया स्नेह में दरस न दोगी अगर रूप का सूरज कभी न घर जाएगा खजुराहो की प्रतिमा जैसा शुभ्रवसन में रूप हिमानी क्या संयोग कि एक साथ हैं कुछ कुछ ज्वाला, कुछ...
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शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर « तख़लीक़-ए-नज़र ...
शायिर ‘नज़र’ की शायिरी का उद्भव [The Creation of Poetry of Poet 'Nazar']- खिड़की चाँद तड़प पत्ते प्यार मोहब्बत याद रात शबनम फ़ुर्क़त calling cry dew grief leaves love memory moon night pain reminisce separation thought waiting... separation thought waiting window Leave a Comment शायिर: विनय प्रजापति ‘नज़र’ लेखन वर्ष: २००३ शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर जैसे वह मुझको मिले और मिले...
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दर्द सुलगते क्यों हैं « तख़लीक़-ए-नज़र ...
शायिर ‘नज़र’ की शायिरी का उद्भव [The Creation of Poetry of Poet 'Nazar']- 'Nazar'] Home अनुज्ञापत्र Licence इब्तिदा Preamble मिर्ज़ा रफ़ी ‘सौदा’ « ‘नज़र’ वह हस्ती’ » शबनम यूँ सुलगी रात सोते पत्तों पर 10 Mar दर्द सुलगते क्यों हैं Posted by विनय in .Tagged: . मेरी त्रिवेणी अब्र...
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