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कैंसर रोग में ग्रहों की भूमिका ...
शीघ्र अंत मान लेता है। ज्योतिष में कैंसर जैसे भयानक रोग की उत्पत्ति में कौन-कौन से ग्रहों का प्रभाव रहता है इसे जाना जा सकता है। ज्योतिष में कैंसर रोग... है इसे जाना जा सकता है। ज्योतिष में कैंसर रोग में ग्रहों की भूमिका मानव शरीर में कैंसर रोग के लिए कोशिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कोशिकाओं में...
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stands for progeny). ज्योतिषशास्त्री इसी भाव से संतान कैसी होगी, एवं माता पिता से उनका किस प्रकार का सम्बन्ध होगा इसका आंकलन करते हैं मंगल लाल किताब में... का प्रभावशाली और ओजस्वी ग्रह है मंगल.मंगल को उसके पराक्रम के कारण देवताओं का सेनापति भी कहा गया है लाल किताब मे चन्द्रमा (Moon in Lal Kitab) चन्द्रमा...
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प्रश्न ज्योतिष में संतान योग (Santan Yogas In Prashna ...
आज का पंचाग आपकी जन्म कुंडली कुंडली फलादेश विवाह मिलान मांगलिक दोष वर्ष कुंडली वर्षफल लालकिताब कुंडली लालकिताब कुंडली मेन्यू वैदिक ज्योतिष मूहूर्त लाल... कुंडली मेन्यू वैदिक ज्योतिष मूहूर्त लाल किताब सामुद्रिक गणना वैवाहिक अंक ज्योतिष प्रश्न ज्योतिष कृष्णमूर्ती वर्षफल रत्न सलाह Blogroll पर्व-त्यौहार हिन्दीज्योतिष...
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Hindi Astrology Rashifal Indian astrology Hindi horoscope ...
खबरें: नक्षत्र ज्योतिष में ग्रह खगोलीय हैं जिनमें वास्तविक ग्रह, सितारे और कुछ काल्पनिक बिन्दु हैं, जो हमारे जीवन को प्रभावित करते हैं। नक्षत्र ज्योतिष... को प्रभावित करते हैं। नक्षत्र ज्योतिष में मुख्य ग्रह है सूर्य, चन्द्रमा, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, उत्तर नोड, दक्षिण नोड, वरुण, प्लूटो और नेप्च्यून।...
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कैसे होते हैं वृषभ राशि के जातक ...
वृषभ राशि शुक्र की राशि है। पृथ्वी तत्व प्रधान इस राशि के व्यक्ति अपनी रसिकता व सौंदर्य प्रियता के लिए जाने जाते हैं। पुरुष : वृषभ राशि के पुरुष मोहक देहयष्टि... देहयष्टि के रहते हैं। शुक्र अच्‍छा होने पर बाल बुढ़ापे तक काले रहते हैं। कलाप्रिय व उच्च अभिरुचि के होते हैं। महत्वाकांक्षा कम मगर व्यवहार कुशलता व विलासप्रियता...
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किसी भी ज्योतिषी की विशेषता आपकी कुंडली के आंकड़े की सही व्याख्या करने में विद्यमान है। कम्प्यूटर में आधुनिकता आने के कारण अब ज्ञान को आंकड़ों में बदलना... सम्भव हो गया है। इससे ज्योतिष द्वारा आपकी कुंडली की व्याख्या की प्रक्रिया भी आसान हो गई है। कम्प्यूटरीकृत कुंडली ने जटिल गणनाओं और बड़े डाटाबेस का उपयोग...
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स्वक्षेत्री ग्रहों का प्रभाव « गत्यात्मक ज्योतिष् ...
स्वक्षेत्री ग्रहों का प्रभाव-स्वक्षेत्री ग्रहों का प्रभाव December 19, 2007 by संगीता पुरी फलित ज्योतिष के प्राचीन ग्रंथों में स्वक्षेत्री ग्रहों को काफी महत्वपूर्ण समझा जाता है ।... है । यहाँ तक की किसी जनमकुंडली में एक या दो स्वक्षेत्री ग्रह हें , तो वह किसी भाग्यवान की ही कुंडली होगी , एसा माना जाता है। किंतु वास्तव में ऐसी बात...
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ग्रह और राशियाँ (ज्योतिष-२०) « पसंद ...
ग्रह और राशियाँ (ज्योतिष-२०)- » राजभाषा हिंदी ग्रह और राशियाँ (ज्योतिष-२०) By प्रेमलता पांडे हम ज्योतिष में ग्रह और राशियों के बारे में प्राचीन मान्यताओं की बात कर रहे हैं। राशियों... पर उदित होती हैं। ज्योतिष के अनुसार कौनसी राशि अपने किस भाग से उदय होती है यह जान लेतेहैं - राशि = उदय ………………………………………….. सिंह, कन्या, तुला, वृश्चिक और...
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२००९ अपलोड समयः १२ः४३ जन्मपत्रिका का अध्ययन कर मालूम किया जा सकता है कि उच्च शिक्षा का योग है नहीं। सामान्यतः द्वितीय भाव के स्वामी और द्वितीय भाव में... द्वितीय भाव में स्थित ग्रह प्रारंभिक शिक्षा का बोध कराते हैं। यदि द्वितीयेश बलवान हो और देवगुरू बृहस्पति की स्थिति भी ठीक हो तो प्रारंभिक शिक्षा ठीक होती...
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भाद्रपद कृष्ण चतुर्दशी संवत् 2066, शाके- 1931, रवि ...
संवत - सूर्योदय कालीन नक्षत्र पुष्य नक्षत्र दोप. 12.30 तक पश्चात आश्लेषा नक्षत्र, व्यतिपात योग तथा विष्टिकरण। ग्रह विचार सूर्य, बुध, शनि-सिंह, गुरु, राहु-मकर,... गुरु, राहु-मकर, मंगल, शुक्र- मिथुन तथा चंद्र केतु-कर्क में ग्रह परिवर्तन- बुध का कन्या राशि में प्रवेश गुरुवार प्रात: 5.23 पर। शुभाशुभ ज्ञानम़् चतुर्दशी...
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